चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में पंजाबी भाषा को लेकर विवाद गहरा गया है। छात्र संगठन ‘सत्थ’ ने सोमवार को यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कैंपस में लगाई गई नई नेम प्लेटों पर कालिख पोत दी। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा हाल ही में लगाई गई कई नई नेम प्लेटों में पंजाबी भाषा को शामिल नहीं किया गया, जिसे लेकर लगातार विरोध किया जा रहा था। प्रशासन को सौंपा ज्ञापन छात्र संगठन का कहना है कि करीब चार दिन पहले, 7 मई को उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन को इस मामले में ज्ञापन सौंपा था। संगठन ने प्रशासन को दो दिन का समय देते हुए मांग की थी कि सभी नेम प्लेटों पर पंजाबी भाषा को पहले स्थान पर लिखा जाए। साथ ही कहा गया था कि यदि तय समय के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन विरोध प्रदर्शन करेगा। संगठन के मुताबिक, तय समय सीमा खत्म होने के बावजूद यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद सोमवार को छात्र संगठन के कार्यकर्ता कैंपस में पहुंचे और नई नेम प्लेटों पर कालिख पोतकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि पंजाब की धरती पर स्थित और पंजाब के नाम पर बनी यूनिवर्सिटी में पंजाबी भाषा की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। पंजाबी भाषा को पीछे धकेला जा रहा छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाबी भाषा को लगातार पीछे धकेला जा रहा है, जबकि यह पंजाब की मातृभाषा और पहचान है। उनका कहना था कि यूनिवर्सिटी प्रशासन को तीन भाषाओं में नेम प्लेट लगाने चाहिए, लेकिन पंजाबी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रदर्शनकारी छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द इस मामले का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


