दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जबरन किए जा रहे प्रदर्शन को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी, रास्तों की घेराबंदी और सुरक्षा प्रतिबंधों के बीच सियासत का एक नया मोर्चा खुल गया है। राजधानी में उपजे हालात कश्मीर के उन नेताओं के लिए राजनीतिक हमला बोलने का मौका बन गए हैं, जो लंबे समय से केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। हम आपको बता दें कि दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर पैदा हुई स्थिति की तुलना जम्मू-कश्मीर से करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी पर निशाना साधा है। दिलचस्प यह है कि दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मचे घमासान के बीच कश्मीरी नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी अपने-अपने राजनीतिक एजेंडे के मुताबिक सामने आ रही हैं।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को दिल्ली के हालात को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कश्मीर में लागू प्रतिबंधों की याद दिलाने वाला बताया। सोशल मीडिया मंच X पर उन्होंने लिखा कि दिल्ली की मौजूदा स्थिति उन्हें उस दौर की याद दिलाती है, जब लोगों को घरों में बंद कर दिया गया था, इंटरनेट बंद था और पूरा क्षेत्र घेरेबंदी में था। महबूबा ने आरोप लगाया कि पहले विरोध को कुचला जाता है और फिर यह दावा किया जाता है कि किसी ने प्रदर्शन ही नहीं किया। उनके मुताबिक, इस तरह जबरन थोपी गई खामोशी को जनता की सहमति के रूप में पेश किया जाता है।
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जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी दिल्ली के हालात को लेकर तंज कसते हुए कहा, “कश्मीर मॉडल दिल्ली को निर्यात कर दिया गया है। नए जम्मू-कश्मीर के मॉडल पर बनी नई दिल्ली में आपका स्वागत है।” उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की और मतदाता सूची से जुड़े विवाद को लेकर चुनाव आयोग पर सत्तारुढ़ दल के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।
PDP नेता इल्तिजा मुफ्ती ने भी इस विवाद को आगे बढ़ाते हुए आरोप लगाया कि जहां CJP को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है, वहीं दक्षिणपंथी समूहों को वहां पहुंचने दिया जा रहा है। उन्होंने इसकी तुलना जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के विरोध से की। इल्तिजा का आरोप था कि कश्मीर में विरोध प्रदर्शनों को रोका जाता रहा, जबकि 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाए जाने का जश्न मनाने वाले बीजेपी कार्यकर्ताओं को पूरी व्यवस्था और सुरक्षा उपलब्ध कराई गई। उन्होंने चेतावनी दी कि कश्मीर में जो शुरू हुआ था, अब वह पूरे भारत को अपनी चपेट में ले रहा है।

