मुंगेर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बनौधा के समीप 28 अप्रैल को हुए भीषण सड़क हादसे के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। गुरुवार को तीनों मृतकों के परिजनों के बैंक खातों में मुआवजा राशि ट्रांसफर कर दी गई। जिला आपदा पदाधिकारी कमल किशोर ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 4 लाख 20 हजार रुपए सीधे उनके खाते में भेजे गए हैं। घटना के दिन ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा मुआवजे की घोषणा की गई थी। इसके बाद डीएम निखिल धनराज निप्पणीकर ने मामले का संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवारों से आवश्यक कागजात मंगवाए और गुरुवार को राशि ट्रांसफर कर दी गई। इस हादसे में हाजी सुभान मिन्नत नगर निवासी मो. शाहिद उर्फ टिंकु, बनौधा निवासी मो. अरमान और कंतपुर नौवागढ़ी निवासी गुड्डू मंडल उर्फ राजा मंडल की मौत हुई थी। 3 दिनों में मुआवजे की राशि का हो रहा भुगतान गुड्डू मंडल के परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर बुधवार सुबह कंतपुर मोड़ के पास एनएच-80 को जाम भी किया था। जिला आपदा पदाधिकारी ने बताया कि अब सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर मुआवजा प्रक्रिया को तेज कर 2 से 3 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है, जबकि पहले इसमें एक से दो महीने तक का समय लग जाता था। मुंगेर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बनौधा के समीप 28 अप्रैल को हुए भीषण सड़क हादसे के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। गुरुवार को तीनों मृतकों के परिजनों के बैंक खातों में मुआवजा राशि ट्रांसफर कर दी गई। जिला आपदा पदाधिकारी कमल किशोर ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 4 लाख 20 हजार रुपए सीधे उनके खाते में भेजे गए हैं। घटना के दिन ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा मुआवजे की घोषणा की गई थी। इसके बाद डीएम निखिल धनराज निप्पणीकर ने मामले का संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवारों से आवश्यक कागजात मंगवाए और गुरुवार को राशि ट्रांसफर कर दी गई। इस हादसे में हाजी सुभान मिन्नत नगर निवासी मो. शाहिद उर्फ टिंकु, बनौधा निवासी मो. अरमान और कंतपुर नौवागढ़ी निवासी गुड्डू मंडल उर्फ राजा मंडल की मौत हुई थी। 3 दिनों में मुआवजे की राशि का हो रहा भुगतान गुड्डू मंडल के परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर बुधवार सुबह कंतपुर मोड़ के पास एनएच-80 को जाम भी किया था। जिला आपदा पदाधिकारी ने बताया कि अब सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर मुआवजा प्रक्रिया को तेज कर 2 से 3 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है, जबकि पहले इसमें एक से दो महीने तक का समय लग जाता था।


