रामपुर के बिलासपुर क्षेत्र में अवैध खनन माफियाओं का दुस्साहस सामने आया है। यहां रातोंरात चार एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि से आठ फीट गहरी मिट्टी उठा ली गई, जिससे खेत गहरे गड्ढों में तब्दील हो गए। पीड़ित किसानों ने सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों पर संरक्षण का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से न्याय और कार्रवाई की गुहार लगाई है। मामला बरेली जनपद के मोहनपुर गांव निवासी इब्ने अली खां, जुबैदा बेगम और मोहब्बत अली की चकफेरी गांव स्थित लगभग आठ एकड़ कृषि भूमि से जुड़ा है। गाटा संख्या 205 पर दर्ज इस भूमि की देखरेख के लिए किसानों ने इसे हिरनखेड़ा निवासी सगीर अहमद खां को ठेके पर दिया था। आरोप है कि खनन माफियाओं ने रात के अंधेरे में कई जेसीबी और डंपरों का इस्तेमाल कर करीब चार एकड़ भूमि से बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया। गुरुवार सुबह जब किसान अपने खेत पर पहुंचे, तो वे यह देखकर हैरान रह गए कि उपजाऊ मिट्टी गायब थी और जमीन गहरे गड्ढों में बदल चुकी थी।
किसानों का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों का डर दिखाकर चुप रहने की धमकियां दी गईं। उन्होंने स्थानीय पुलिस और तहसील प्रशासन पर भी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। इसके बाद खेत मालिकों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर अवैध खनन की शिकायत दर्ज कराई है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इस मामले में तहसीलदार शिव कुमार शर्मा ने बताया कि अभी तक कोई औपचारिक शिकायत उनके संज्ञान में नहीं आई है, लेकिन शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। हल्का लेखपाल अवनीश कुमार ने जांच आख्या उच्च अधिकारियों को भेज दी है। अपर जिलाधिकारी राजस्व नवीन मदान मामले की जानकारी जुटा रहे हैं, जबकि जिला खनन अधिकारी अमित रंजन ने जल्द ही मौके पर जांच कर मिट्टी की मात्रा और खनन स्थल का पता लगाने की बात कही है। एसडीएम बिलासपुर ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।


