दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में मंगलवार दोपहर से शुरू हुआ धरना देर रात तक चलता रहा। अपनी मांगों को लेकर एडी बिल्डिंग में प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठनों का आरोप है कि परिसर के अंदर लाइट काट दी गई। जिससे उन्हें गर्मी में मच्छरदानी के अंदर बैठना पड़ा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने समझाने की कोशिश की
मंगलवार की दोपहर से ही अपनी 6 मांगों को लेकर छात्र धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान प्रशासनिक टीम और छात्रों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते माहौल गर्म हो गया। ‘कुलपति हटाओ, विश्वविद्यालय बचाओ’ के बैनर के साथ प्रदर्शन धरने पर बैठे छात्रों के हाथों में बैनर और पोस्टर थे। इनमें ‘कुलपति हटाओ, विश्वविद्यालय बचाओ’ जैसे नारे लिखे हुए थे। छात्रों का कहना था कि विश्वविद्यालय में कई मामलों को लेकर लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर वे अपनी आवाज उठा रहे हैं। छात्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे छात्र नेता सतीश प्रजापति ने दैनिक भास्कर से बातचीत में विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्र लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हो रही है। छात्र नेताओं के निलंबन पर उठाए सवाल सतीश प्रजापति ने कहा कि छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाने वाले छात्र नेताओं के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई क्यों की जा रही है। उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब मांगा है। परीक्षा एजेंसी की कथित धन उगाही की जांच की मांग छात्रों ने विश्वविद्यालय में कार्यरत परीक्षा एजेंसी पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि परीक्षा एजेंसी द्वारा अवैध रूप से धन की वसूली की जा रही है। छात्रों ने इसकी जांच कराने की मांग की है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। छात्रसंघ चुनाव नहीं, फिर शुल्क किस बात का प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने छात्रसंघ शुल्क का मुद्दा भी उठाया। उनका सवाल है कि जब विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव नहीं हो रहे हैं तो छात्रों से छात्रसंघ शुल्क क्यों लिया जा रहा है। छात्रों ने इस शुल्क को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। पेड़ों की कटान पर भी सवाल छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में पेड़ों की कटान का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय में पेड़ों की अवैध कटान की जा रही है। छात्रों ने इसकी जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। PMUSHA के तहत निर्माण कार्यों की जांच की मांग धरने पर बैठे छात्रों ने विश्वविद्यालय में PMUSHA के तहत हो रहे निर्माण कार्यों की भी जांच की मांग की। उनका कहना है कि इन निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और यदि किसी तरह की अनियमितता हुई है तो उसकी जांच कराई जानी चाहिए। पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची छात्रों के धरने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने और धरना समाप्त कराने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हो गई। कुछ समय के लिए मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष अभी नहीं आया छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों को लेकर अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

