समस्तीपुर के रोसड़ा की भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) कंचन कुमारी झा के सरकारी आवास पर निगरानी विभाग की छापेमारी गुरुवार देर रात करीब 16 घंटे तक चली। इस दौरान 13.82 लाख रुपए बरामद हुए। कंचन ने जमीन विवाद से जुड़े केस को सुझलाने के एवज में 2 लाख कैश और वॉशिंग मशीन की डिमांड की थी। टीम ने DCLR को 2 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। उसे पटना ले गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार निगरानी की टीम जब सरकारी आवास पहुंची तो DCLR कंचन ने खुद को राज्यसभा सदस्य का रिश्तेदार बताया। टीम जब सख्त हुई तो कंचन कहने लगी गलती हो गई, अब ऐसा नहीं होगा। चर्चा है कि मामले को रफादफा करने के लिए निगरानी की टीम को कुछ पैसे भी देने की कोशिश की गई। DCLR ने पहले 5 लाख रुपए मांगे थे विभूतिपुर थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव निवासी पीड़ित मनोज कहते हैं कि एक कट्ठा तीन धूर जमीन पर गांव के ही एक व्यक्ति ने फर्जी कागजात तैयार कर पुलिस की मदद से कब्जा कर लिया। मनोज का कहना है कि जमीन से संबंधित सभी वैध कागजात मेरे पास मौजूद हैं। मैंने DCLR न्यायालय में वाद दायर किया था, जिस पर करीब 1 साल से सुनवाई चल रही थी। अब इस मामले में फैसला होने वाला था। मुझे किसी से जानकारी मिली कि विरोधी पक्ष ने अपने पक्ष में फैसला कराने के लिए कुछ राशि दी है। इसके बाद मैं DCLR से मिलने पहुंचा। उस समय DCLR मौजूद नहीं थीं। उनके निजी नौकर सुमित कुमार ने मनोज से 2 लाख रुपए जमा करने को कहा। इस पर मनोज तैयार नहीं हुए और उन्होंने सुमित से DCLR से मुलाकात कराने को कहा। मनोज के अनुसार DCLR ने 5 लाख रुपए की मांग की। जब उन्होंने राशि को अधिक बताया तो DCLR ने कहा कि उनका विरोधी 7 लाख रुपए दे चुका है। इसके बाद मनोज 2 लाख देने के लिए राजी हुए। रुपए देने के लिए समय मांगा और पूरे मामले की शिकायत निगरानी विभाग से कर दी। वॉशिंग मशीन और रुपए लेकर मनोज सरकारी आवास पहुंचे निगरानी टीम ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद मामला दर्ज किया। इसी दौरान आरोप है कि DCLR ने एक ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीन की भी मांग की। मनोज ने मशीन खरीदी और उसका भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया। गुरुवार सुबह मनोज वॉशिंग मशीन और रिश्वत की राशि लेकर DCLR के सरकारी आवास पहुंचे। इसके बाद निगरानी टीम ने छापेमारी कर कार्रवाई की।
डेढ़ साल से रोसड़ा में पदस्थापित हैं DCLR
कंचन कुमारी झा पिछले करीब डेढ़ साल से रोसड़ा में DCLR के पद पर पदस्थापित हैं। वह मूल रूप से मधुबनी जिले हैदरपुर गांव की रहने वाली हैं। हालांकि, इससे पहले उन पर कोई गंभीर आरोप सामने नहीं आया था। स्थानीय स्तर पर जमीन से जुड़े मामलों के फैसले में रुपए मांगने के आरोप लगते रहे हैं। कबीर मठ की जमीन को लेकर गठित कमेटी में आरोपी पक्ष के एक व्यक्ति को DCLR के चैंबर में बैठाने का आरोप भी लगाया गया था।
कंचन कुमारी झा के पति अमोद कुमार झा सेना से सेवानिवृत्त हैं। DCLR से अधिक पति के खाते में रुपए
DCLR की ओर से सरकार को दिए गए संपत्ति विवरण के अनुसार, कंचन कुमारी झा के पास 60 हजार रुपए नगद हैं। इसके अलावा SBI, PNB, उत्कर्ष फाइनेंस और पोस्ट ऑफिस में खाते हैं। SBI खाते में 3,324 रुपए, PNB खाते में 1,04,793 रुपए, उत्कर्ष फाइनेंस के खाते में 15 हजार रुपए और पोस्ट ऑफिस खाते में पांच हजार रुपए जमा बताए गए हैं। वहीं, उनके पति अमोद कुमार झा के पास 80 हजार रुपए नगद के अलावा SBI के खाते में करीब 20 लाख रुपए जमा होने की जानकारी दी गई है।
बेटे अमन कुमार झा के पास 40 हजार रुपए नगद और बैंक खाते में 25 हजार रुपए हैं। दूसरे बेटे आकाश कुमार झा के पास 50 हजार रुपए नगद और बैंक खाते में 62 हजार रुपए बताए गए हैं।
साढ़े 4 लाख के जेवरात भी हैं संपत्ति विवरण के अनुसार, DCLR के पास करीब 490 ग्राम सोने के आभूषण, तीन किलो चांदी और हीरे के आभूषण हैं। इनकी कीमत करीब साढ़े चार लाख रुपए बताई गई है। वहीं, उनके पति के पास करीब 100 ग्राम सोने के आभूषण, हीरे की दो अंगूठियां और प्लैटिनम की एक अंगूठी है।
बेटे के पास करीब 50 ग्राम और दूसरे बेटे के पास करीब 40 ग्राम सोने के आभूषण होने की जानकारी संपत्ति विवरण में दी गई है। समस्तीपुर के रोसड़ा की भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) कंचन कुमारी झा के सरकारी आवास पर निगरानी विभाग की छापेमारी गुरुवार देर रात करीब 16 घंटे तक चली। इस दौरान 13.82 लाख रुपए बरामद हुए। कंचन ने जमीन विवाद से जुड़े केस को सुझलाने के एवज में 2 लाख कैश और वॉशिंग मशीन की डिमांड की थी। टीम ने DCLR को 2 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। उसे पटना ले गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार निगरानी की टीम जब सरकारी आवास पहुंची तो DCLR कंचन ने खुद को राज्यसभा सदस्य का रिश्तेदार बताया। टीम जब सख्त हुई तो कंचन कहने लगी गलती हो गई, अब ऐसा नहीं होगा। चर्चा है कि मामले को रफादफा करने के लिए निगरानी की टीम को कुछ पैसे भी देने की कोशिश की गई। DCLR ने पहले 5 लाख रुपए मांगे थे विभूतिपुर थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव निवासी पीड़ित मनोज कहते हैं कि एक कट्ठा तीन धूर जमीन पर गांव के ही एक व्यक्ति ने फर्जी कागजात तैयार कर पुलिस की मदद से कब्जा कर लिया। मनोज का कहना है कि जमीन से संबंधित सभी वैध कागजात मेरे पास मौजूद हैं। मैंने DCLR न्यायालय में वाद दायर किया था, जिस पर करीब 1 साल से सुनवाई चल रही थी। अब इस मामले में फैसला होने वाला था। मुझे किसी से जानकारी मिली कि विरोधी पक्ष ने अपने पक्ष में फैसला कराने के लिए कुछ राशि दी है। इसके बाद मैं DCLR से मिलने पहुंचा। उस समय DCLR मौजूद नहीं थीं। उनके निजी नौकर सुमित कुमार ने मनोज से 2 लाख रुपए जमा करने को कहा। इस पर मनोज तैयार नहीं हुए और उन्होंने सुमित से DCLR से मुलाकात कराने को कहा। मनोज के अनुसार DCLR ने 5 लाख रुपए की मांग की। जब उन्होंने राशि को अधिक बताया तो DCLR ने कहा कि उनका विरोधी 7 लाख रुपए दे चुका है। इसके बाद मनोज 2 लाख देने के लिए राजी हुए। रुपए देने के लिए समय मांगा और पूरे मामले की शिकायत निगरानी विभाग से कर दी। वॉशिंग मशीन और रुपए लेकर मनोज सरकारी आवास पहुंचे निगरानी टीम ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद मामला दर्ज किया। इसी दौरान आरोप है कि DCLR ने एक ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीन की भी मांग की। मनोज ने मशीन खरीदी और उसका भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया। गुरुवार सुबह मनोज वॉशिंग मशीन और रिश्वत की राशि लेकर DCLR के सरकारी आवास पहुंचे। इसके बाद निगरानी टीम ने छापेमारी कर कार्रवाई की।
डेढ़ साल से रोसड़ा में पदस्थापित हैं DCLR
कंचन कुमारी झा पिछले करीब डेढ़ साल से रोसड़ा में DCLR के पद पर पदस्थापित हैं। वह मूल रूप से मधुबनी जिले हैदरपुर गांव की रहने वाली हैं। हालांकि, इससे पहले उन पर कोई गंभीर आरोप सामने नहीं आया था। स्थानीय स्तर पर जमीन से जुड़े मामलों के फैसले में रुपए मांगने के आरोप लगते रहे हैं। कबीर मठ की जमीन को लेकर गठित कमेटी में आरोपी पक्ष के एक व्यक्ति को DCLR के चैंबर में बैठाने का आरोप भी लगाया गया था।
कंचन कुमारी झा के पति अमोद कुमार झा सेना से सेवानिवृत्त हैं। DCLR से अधिक पति के खाते में रुपए
DCLR की ओर से सरकार को दिए गए संपत्ति विवरण के अनुसार, कंचन कुमारी झा के पास 60 हजार रुपए नगद हैं। इसके अलावा SBI, PNB, उत्कर्ष फाइनेंस और पोस्ट ऑफिस में खाते हैं। SBI खाते में 3,324 रुपए, PNB खाते में 1,04,793 रुपए, उत्कर्ष फाइनेंस के खाते में 15 हजार रुपए और पोस्ट ऑफिस खाते में पांच हजार रुपए जमा बताए गए हैं। वहीं, उनके पति अमोद कुमार झा के पास 80 हजार रुपए नगद के अलावा SBI के खाते में करीब 20 लाख रुपए जमा होने की जानकारी दी गई है।
बेटे अमन कुमार झा के पास 40 हजार रुपए नगद और बैंक खाते में 25 हजार रुपए हैं। दूसरे बेटे आकाश कुमार झा के पास 50 हजार रुपए नगद और बैंक खाते में 62 हजार रुपए बताए गए हैं।
साढ़े 4 लाख के जेवरात भी हैं संपत्ति विवरण के अनुसार, DCLR के पास करीब 490 ग्राम सोने के आभूषण, तीन किलो चांदी और हीरे के आभूषण हैं। इनकी कीमत करीब साढ़े चार लाख रुपए बताई गई है। वहीं, उनके पति के पास करीब 100 ग्राम सोने के आभूषण, हीरे की दो अंगूठियां और प्लैटिनम की एक अंगूठी है।
बेटे के पास करीब 50 ग्राम और दूसरे बेटे के पास करीब 40 ग्राम सोने के आभूषण होने की जानकारी संपत्ति विवरण में दी गई है।

