Crusher Plant Accident: क्रशर प्लांट में भारी-भरकम जाली गिरने से आदिवासी मजदूर की मौत, गैस कटर से काटकर निकाला बाहर

Crusher Plant Accident: क्रशर प्लांट में भारी-भरकम जाली गिरने से आदिवासी मजदूर की मौत, गैस कटर से काटकर निकाला बाहर

अंबिकापुर. राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भेलाई स्थित क्रशर प्लांट में रविवार को कन्वेयर बेल्ट की सफाई के दौरान मजदूर के ऊपर लोहे की भारी-भरकम जाली गिर (Crusher Plant Accident) गई। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। अन्य मजदूरों द्वारा गैस कटर से जाली काटकर तथा जेसीबी की मदद से गंभीर रूप से घायल मजदूर को बाहर निकाला गया। फिर उसे तत्काल अंबिकापुर के मिशन अस्पताल लाया गया, यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद क्रशर प्लांटों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सरगुजा जिले के लुंड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खाराकोना निवासी अल्मोन पिता संतू 20 वर्ष गांव के अन्य मजदूरों के साथ ५ मई को राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भेलाई स्थित सिंघल क्रशर प्लांट (Crusher Plant Accident) में काम करने गया था। रविवार को कन्वेयर बेल्ट की सफाई के लिए लगाया गया था।

Crusher plant accident, Crusher plant Balrampur
Workers relatives in hospital (Photo- Patrika)

सफाई के दौरान अचानक उसके ऊपर लोहे की भारी-भरकम जाली गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद प्लांट में काम कर रहे अन्य मजदूरों ने गैस कटर और जेसीबी की मदद से युवक (Crusher Plant Accident) को बाहर निकाला। इसके बाद उसे इलाज के लिए मिशन अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

Crusher Plant Accident: साथी मजदूर ने लगाया ये आरोप

मृतक के साथ काम कर रहे मजदूर अर्पण एक्का ने आरोप लगाया कि फैक्टरी में मजदूरों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं थे। मौके पर फस्र्ट एड किट तक नहीं थी और घायल (Crusher Plant Accident) को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की भी व्यवस्था नहीं हो सकी। अर्पण एक्का ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद मजदूरों से घटना को जेसीबी की बकेट से दबने का मामला बताने के लिए कहा गया।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप

बताया जा रहा है कि जिस क्रशर प्लांट में हादसा (Crusher Plant Accident) हुआ, उसे पूर्व संचालक विजय सिंघल ने कुछ माह पहले क्रशर संघ के जिलाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल सहित अन्य लोगों को बेच दिया था।

मामले को लेकर अजजा आयोग के पूर्व अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्रशर प्लांटों में आदिवासी मजदूरों का शोषण किया जा रहा है और शिकायतों पर केवल औपचारिक कार्रवाई की जाती है।

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