मथुरा में पिछले कई दिनों से हो रही बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने किसानों की गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में पककर तैयार खड़ी फसलें जमीन पर गिर गई हैं, जिससे हजारों किसानों को आर्थिक क्षति हुई है। कटाई के मुहाने पर पहुंची फसल अब बर्बादी के कगार पर है, जिससे दाने के काला पड़ने और पैदावार घटने की आशंका बढ़ गई है। किसानों की इस गंभीर समस्या को लेकर राष्ट्रीय समता मंच के बैनर तले संस्थापक प्रेम सिंह विमल और अन्य पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से तत्काल राहत और उचित मुआवजा देने की मांग की। संगठन का कहना है कि प्राकृतिक आपदा ने पूरे जनपद के अन्नदाताओं को संकट में डाल दिया है। मंच की पदाधिकारी राधा चौधरी ने बताया कि प्रशासन को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सर्वे कर वास्तविक नुकसान का आकलन करने की मांग की। राधा चौधरी ने गेहूं की नष्ट फसल के एवज में किसानों को कम से कम 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की बात कही। इसके अतिरिक्त, मंच ने फसल से जुड़े कृषि ऋण को माफ करने, गेहूं खरीद के बाद किसानों को तुरंत भुगतान सुनिश्चित करने और समर्थन मूल्य में वृद्धि करने की भी मांग की। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


