सिपाही की गर्लफ्रेंड का दरोगा बनने का ख्वाब टूटा:झांसी में IPL सट्‌टे में अरेस्ट, डेढ़ करोड़ के गहने मिले, परिवार को छोड़कर सिपाही संग रहती थी

सिपाही की गर्लफ्रेंड का दरोगा बनने का ख्वाब टूटा:झांसी में IPL सट्‌टे में अरेस्ट, डेढ़ करोड़ के गहने मिले, परिवार को छोड़कर सिपाही संग रहती थी

झांसी में IPL मैचों में ऑनलाइन सट्‌टा खिलाने वाली सिपाही की गर्लफ्रेंड यशस्वी द्विवेदी (24) पढ़ने में काफी होशियार थी। एमए और बीएड करने के बाद वह शिक्षक बनना चाहती थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब वह पिछले महीने दरोगा भर्ती परीक्षा में शामिल हुई थी और दरोगा बनना चाहती थी।मगर गिरफ्तारी के बाद उसका ये सपना भी टूट गया। यशस्वी और सिपाही रजत रॉयल सिटी जैसी पॉश कॉलोनी में किराए के फ्लैट में लगभग 12 महीनों से रह रहे थे और यहीं से ऑनलाइन सट्‌टा खिला रहे थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने शुक्रवार को छापा मारकर यशस्वी और निशा खान (32) को गिरफ्तार किया। यहां से 100-100 ग्राम के 9 सोने के बिस्किट समेत 1.55 करोड़ रुपए की ज्वैलरी, 18.92 लाख कैश, 12 मोबाइल और लैपटॉप बरामद हुए। कैश और गहने सट्‌टेबाजी के जरिए मिले थे। गैंग को भाजपा नेता आशीष उपाध्याय लीड करता था। 7 दिन पहले वह दिल्ली से गिरफ्तार हो चुका है। अभी सिपाही समेत 5 आरोपी फरार है। उनकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। परिवार को छोड़ चुकी थी यशस्वी पुलिस के अनुसार, रजत के कहने पर यशस्वी अपने परिवार को छोड़कर आ गई थी। दोनाें रॉयल सिटी जैसी पॉश कॉलोनी में किराए पर फ्लैट लेकर लिव इन में रहने लगे बाद में वह रजत के साथ ऑनलाइन सट्टेबाजी के कारोबार में भी शामिल हो गई। पुलिस का कहना है कि रजत ऑनलाइन सट्टा खिलवाने का काम करता था और यशस्वी को इसकी पूरी जानकारी थी। वह भी इस नेटवर्क का हिस्सा बनी रही। गिरफ्तारी के बाद उसने पुलिसकर्मियों से कहा कि जो उसे पत्नी का दर्जा नहीं दिला सका, उसने आखिरकार जेल पहुंचा दिया। पुलिस अब यशस्वी के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच में जुटी है। आशंका है कि सट्टा गिरोह से जुड़ी रकम और संपत्ति उसके माध्यम से ठिकाने लगाई जाती थी। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है।
झांसी छोड़कर भागने की थी तैयारी सट्टा मामले में वांछित सुमित साहू की तलाश में पुलिस राजीव नगर स्थित उसके घर पहुंची थी। वहां सुमित नहीं मिला, लेकिन उसकी दोस्त निशा खान के बारे में जानकारी मिली। निशा ने ही बताया कि यशस्वी नकदी लेकर झांसी छोड़ने की तैयारी में है। इसके बाद पुलिस रॉयल सिटी स्थित फ्लैट पहुंची, जहां निशा और यशस्वी दोनों मौजूद मिले। पुलिस ने वहां से नकदी और सोने के जेवर बरामद किए। सूत्रों का कहना है कि पैसों के बंटवारे को लेकर निशा और यशस्वी के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद पुलिस को सुराग मिला और पूरे मामले का खुलासा हो गया। चेकिंग के दौरान मुखबिर से मिली सूचना एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि सीपरी बाजार थाना पुलिस शुक्रवार सुबह बिहारी तिराहा पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि रॉयल सिटी के फ्लैट LS9 में बड़े लेवल पर आईपीएल मैच में ऑनलाइन सट्‌टा खिलावाया जा रहा है। पुलिस ने तत्काल टीम के साथ पहुंचकर फ्लैट में छापा मारा। इसमें पुलिस ने छनियापुरा की रहने वाली यशस्वी द्विवेदी (24) और प्रेमनगर के शास्त्री नगर के रहने वाली निशा खान (32) को गिरफ्तार किया। वहां सोफे के पास एक ट्रॉली बैग रखा था। जिसे चेक करने पर भारी मात्रा में कैश और गहने बरामद हुए। इसमें 100-100 ग्राम के 9 सोने के बिस्कुट, 939 ग्राम सोने के गहने, 4 किलोग्राम चांदी के बिस्कुट और 18 लाख 92300 रुपए कैश, लैपटॉप और 12 मोबाइल बरामद हुए। सोने की कीमत 1.46 करोड़ और चांदी की कीमत 11 लाख रुपए है। फ्लैट सिपाही की गर्लफ्रेंड का है
एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में पता चला- यशस्वी द्विवेदी सिपाही रजत की गर्लफ्रेंड है। यशस्वी ने ही किराए पर यह फ्लैट लिया था। वो यहां रजत के साथ लिव इन में रहती थी। सिपाही रजत अपने साथी सुमित साहू, आशीष उपाध्याय, विशेष भार्गव, प्रभात अग्रवाल और 3 अज्ञात लोगों के साथ मिलकर आईपीएल मैच में ऑनलाइन सट्‌टा खिलाता है। सभी लोग फ्लैट पर आकर मोबाइल और लेपटॉप के माध्यम सट्‌टेबाजी करते थे। सट्टा खिलाने के एवज में कैश और गहने मिले थे, जिसे बैग में रखकर रजत कुछ दिन पहले फ्लैट पर लाया था। आईपीएल लीग खत्म होने के बाद पैसे और गहनों का बंटवारा होना था। इसमें से दोनों महिलाओं को भी हिस्सा मिलना था। निशा खान आरोपी सुमित की महिला मित्र है। सभी के खिलाफ सीपरी बाजार में बीएनएस एवं जुआ अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। सिपाही ने रिटायर्ड रजिस्ट्रार काे रौंदा था
आरोपी सिपाही रजत कुमार 12 दिन पहले सुर्खियों में आया था। तब उसने बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में THAR गाड़ी से रिटायर्ड असिस्टेंट रजिस्ट्रार मनीराम वर्मा (70) को रौंद दिया था। मनीराम की मौके पर ही मौत हो गई थी। तब उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। एसएसपी ने सस्पेंड कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी थी। कुछ दिन पहले ही वह जेल से छूटकर आया था। गुरुवार को ही उसने लाइन में आमद कराई थी। इसके बाद उसका नाम सट्‌टा में सामने आ गया। एसएसपी ने शुक्रवार को सिपाही रजत को बर्खास्त कर दिया। संस्पेंड होने से पहले रजत पूंछ थाने में तैनात था। वह कई सालों तक SOG में भी रहा है। भाजपा नेता की मुश्किलें बढ़ी
भाजपा नेता आशीष उपाध्याय की मुश्किलें और बढ़ गई है। ऑनलाइन सट्टा खिलाने के मामले में 6 दिन पहले दिल्ली से गिरफ्तार आशीष उपाध्याय जेल में बंद है। उसके खिलाफ एक और मामला दर्ज हो गया है। आशीष उपाध्याय और उसकी गैंग के गुर्गों के खातों में 100 करोड़ रुपए के लेनदेन का पता चला था। आशीष उपाध्याय भाजपा किसान मोर्चा के कोषाध्यक्ष और सहकारिता बैंक में निदेशक के पद पर कार्यरत है। केस में ये आरोपी वांछित हैं सिपाही रजत सिंह निवासी शमदपुर, हाथरस। सुमित साहू निवासी राजीव नगर, प्रेमनगर। आशीष उपाध्याय निवासी एल्पाइन स्कूल के पास ग्वालियर रोड। विशेष भार्गव निवासी अयोध्यापुरी कॉलानी, सीपरी बाजार। प्रभात अग्रवाल पुत्र मोहन निवासी नगरा, प्रेमनगर

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