7 मई को आगरा–मुंबई रोड पर कांग्रेस करेगी चक्काजाम:किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस का बड़ा आंदोलन, सभी जिलों के अध्यक्ष होंगे शामिल

7 मई को आगरा–मुंबई रोड पर कांग्रेस करेगी चक्काजाम:किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस का बड़ा आंदोलन, सभी जिलों के अध्यक्ष होंगे शामिल

किसानों की मांगों को लेकर कांग्रेस बड़ा आंदोलन करने जा रही है, जिसमें सभी जिलों के अध्यक्ष शामिल होंगे। पार्टी ने निर्णय लिया है कि 7 मई को मुरैना से सेंधवा तक आगरा-मुंबई रोड पर जगह-जगह चक्काजाम किया जाएगा, ताकि सरकार का ध्यान किसानों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया जा सके। यह मार्ग मुरैना से इंदौर होकर नेशनल हाईवे के माध्यम से सेंधवा को जोड़ता है। इंदौर में आंदोलन के लिए स्थान तय किया जा रहा है, संभावना है कि बायपास पर किसान एकत्र होकर चक्काजाम करेंगे। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को सभी जिलाध्यक्षों की बैठक भोपाल में बुलाई थी, जिसमें आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी ऑनलाइन माध्यम से बैठक से जुड़े। बैठक में तय हुआ कि 7 मई को किसानों के मुद्दों पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार किसानों की उपज खरीदने में विफल रही है और अब भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है। एमएसपी पर गेहूं खरीदी न होने का मुद्दा भी उठाया जाएगा। आरोप है कि तय कोटे के अनुसार गेहूं की खरीदी नहीं की गई, जिससे किसानों को मजबूरी में व्यापारियों को नुकसान में उपज बेचनी पड़ी। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने बड़े स्तर पर आंदोलन की तैयारी की है, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में किसान भी शामिल होंगे। मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन इधर, शहर कांग्रेस और मध्य प्रदेश राजीव विकास केंद्र द्वारा भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। महिला आरक्षण को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन में मानव श्रृंखला बनाकर विरोध दर्ज कराया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण बिल 2023 में पारित होने के बावजूद भाजपा सरकार ने इसे लागू करने में देरी की और 16 अप्रैल 2026 को राजनीतिक सुविधा के अनुसार नोटिफिकेशन जारी किया। कांग्रेस का कहना है कि सरकार जनगणना और परिसीमन के बहाने महिला आरक्षण लागू करने में देरी कर रही है और महिलाओं को भ्रमित किया जा रहा है। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन किया गया था, लेकिन उसके बाद से इसे लागू नहीं किया गया।

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