जनगणना 2027 के सफल क्रियान्वयन और स्व-गणना के प्रचार-प्रसार के लिए कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस बार जनगणना पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिसमें आम नागरिकों को पहली बार स्व-गणना का विकल्प मिलेगा। नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। जनगणना अधिकारी ने बताया कि स्व-गणना के लिए नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना वेब पोर्टल और HLO मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं। बैठक में पोर्टल के उपयोग को समझाने के लिए एक वीडियो उदाहरण भी दिखाया गया। जनगणना 2027 का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक मकानों की सूचीकरण और गणना का होगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में संपन्न किया जाएगा। स्व-गणना की अवधि समाप्त होने के बाद, 1 मई से घर-घर जाकर मकान सूचीकरण का कार्य शुरू होगा। इस कार्य के लिए तहसील और नगर परिषद स्तर पर प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार बनाई योजनाएं अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने जनगणना को राष्ट्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य बताया। उन्होंने कहा कि इसके आंकड़ों के आधार पर ही जनकल्याणकारी योजनाएं बनाई जाती हैं, इसलिए सभी अधिकारी, कर्मचारी और जनगणना में लगे लोग इस कार्य को गंभीरता से करें। कलेक्टर नीतू माथुर ने जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों से अपील की कि वे स्वयं स्व-गणना करें और आम जनता को भी इसके लिए प्रेरित करें। इसका उद्देश्य इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करना है। बैठक में जनगणना प्रक्रिया से संबंधित सुझावों और समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा की गई।


