कोटा में न्यायालय एनआई एक्ट क्रम-1 ने कोचिंग संस्थान के निदेशक को गिरफ्तारी वारंट से तलब किया है। मामला उधार लिए रुपए नहीं चुकाने और चेक बाउंस से जुड़ा है। कोर्ट ने 16 अप्रैल को रेजोनेंस कोचिंग संस्थान के निदेशक रामकिशन वर्मा को गिरफ्तारी वारंट से तलब किया था। इसके बाद भी वर्मा कोर्ट में पेश नहीं हुए। कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी। मामले के अनुसार परिवादी दीपक सिंह ने अपने वकील विवेक नंदवाना के जरिए वर्ष 2025 में धारा 138 के तहत एनआई एक्ट में परिवाद पेश किया था। परिवाद में बताया- रेजोनेंस कोचिंग संस्थान के निदेशक रामकिशन वर्मा (आरके वर्मा ) ने अपने व्यवसाय के लिए कुछ साल पहले 2 करोड़ की रकम उधार ली। इसकी अदायगी के लिए चेक दिया गया। तय समय में चेक बैंक में लगाया, लेकिन बाउंस हो गया। नोटिस के बाद भी नहीं लौटाए रुपए परिवादी दीपक सिंह ने बताया- नोटिस देने के बाद भी रामकिशन वर्मा ने उधार लिए रुपए नहीं लौटाए। कोर्ट ने परिवाद पर सुनवाई करते हुए रामकिशन वर्मा को जमानती वारंट से तलब किया। जमानती वारंट जारी होने के बाद भी रामकिशन वर्मा गुरुवार को कोर्ट में पेश नहीं हुए। परिवादी के वकील ने कोर्ट में कहा- आरोपी प्रभावशाली व्यक्ति है। वह अपने आपको बचाता है। वकील ने कोर्ट से रामकिशन वर्मा को गिरफ्तारी वारंट से तलब किए जाने की मांग की। गिरफ्तारी वारंट की पालना के लिए जवाहर नगर थाने को निर्देश दिया गया।


