करनाल शहर में 26 अप्रैल को होने वाली एचसीएस परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कोचिंग सेंटर संचालकों की बैठक लेकर परीक्षा से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की और आयोग की ओर से जारी सख्त हिदायतों की जानकारी दी। बैठक में पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजराणिया भी मौजूद रहे। मेरिट के आधार पर आगे बढ़ें युवा डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि सरकार और प्रशासन युवाओं का भविष्य बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आयोजित हो, ताकि बच्चों को मेरिट के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि एचसीएस परीक्षा प्रदेश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण परीक्षाओं में शामिल है, जिसे सफलतापूर्वक संपन्न करवाने में कोचिंग सेंटर संचालकों की अहम भूमिका रहेगी। सीएम के सख्त आदेश, कोई ढिलाई नहीं डीसी ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हरियाणा लोक सेवा आयोग और जिला प्रशासन को परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से आयोजित करवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी संचालकों को आयोग की हिदायतों का सख्ती से पालन करना होगा, ताकि प्रदेश सरकार की छवि पर कोई असर न पड़े। पेपर लीक और डिजिटल गड़बड़ी पर नजर बैठक में स्पष्ट किया गया कि यदि किसी कोचिंग सेंटर संचालक की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पेपर लीकेज, डिजिटल डिवाइस के दुरुपयोग या आंसर की साझा करने जैसे मामलों में संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने सभी संचालकों को चेताया कि वे किसी भी प्रकार की गलत गतिविधि से दूर रहे और प्रशासन का पूरा सहयोग करें। परीक्षा के दौरान बंद रहेंगे कोचिंग सेंटर पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजराणिया ने कहा कि परीक्षा अवधि के दौरान सभी कोचिंग सेंटर बंद रखे जाएंगे। इसके अलावा परीक्षा के मद्देनजर शनिवार और रविवार को फोटोस्टेट की दुकानें और वाईफाई सेवाएं भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता न हो। उन्होंने यह भी कहा कि जो संचालक बैठक में उपस्थित नहीं हो सके, उन्हें भी इन निर्देशों की जानकारी दी जाए। गरीब बच्चों को मिलेगा मुफ्त कोचिंग का लाभ डीसी ने बताया कि जिला प्रशासन सीएसआर फंड के माध्यम से गरीब और वंचित बच्चों को मुफ्त कोचिंग दिलवाने में सहायता करेगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी भी प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर तैयारी कर सकेंगे।


