फिल्मों से सीधे CM की कुर्सी! ये दिग्गज भी राजनीति में उतरे, क्या Thalapathy Vijay दोहराएंगे इतिहास?

फिल्मों से सीधे CM की कुर्सी! ये दिग्गज भी राजनीति में उतरे, क्या Thalapathy Vijay दोहराएंगे इतिहास?
आज यानी 4 मई को 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों की मतगणना जारी है। इस बीच, दक्षिण भारत के सुपरस्टार से नेता बनें विजय थलापति की पार्टी टीवीके (TVK) के शुरुआती रुझानों में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करते नजर आ रही है।  तमिलनाडु में विजय थलापति की राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) चुनावों में काफी चर्चाओं में बनें रहे हैं। विजय पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली (पूर्व) से सीट से चुनाव लड़े हैं। दोनों ही जगह से वह बढ़त बनाए हुए हैं।
लेकिन, विजय पहले नायक नहीं है, जिन्होंने राज्य में राजनीति के मैदान में कदम रखा है। इससे पहले भी तमिल फिल्म इंडस्ट्री से से कुछ ऐसे सितारे हैं, जो दक्षिण भारत की राजनीति में छा चुके हैं। आइए आपको बताते हैं इनके नाम।
एम जी रामाचंद्रन (एमजीआर) 
साउथ सिनेमा के दिवंगत दिग्गज अभिनेता एमजीआर ने करीब तीन दशक तक पर्दे पर राज किया है। 1936 में तमिल सिनेमा में उन्होंने कदम रखा था और उनकी फैन फॉलोइंग इतनी बढ़ गई थी कि लोग उन्हें अपना भगवान मानते थे। 30 जून 1977 का वो दिन था जब एक्टर एमजीआर मुख्यमंत्री की गद्दी तक पहुंच गए। 1987 तक उन्होंने यह भूमिका निभाई है। 
जयललिता
दक्षिण भारत के सिनेमा से लेकर राजनीति में जयललिता का नाम सबसे ऊपर रहा है। 15 साल की उम्र में जया ने अपनी पहली फिल्म ‘एपिसल’ में काम किया। इसके बाद कन्नड़ फिल्म ‘चिन्नदा गोम्बे’  अहम किरदार में नजर आईं। जयललिता ने अपने फिल्मी करियर में 140 फिल्मों में काम किया है। जयललिता ने एमजीआर की पार्टी एआईएडीएमके की सदस्ता ली। इसके बाद 1984 में वे राज्यसभा सदस्य बन गई। वर्ष 1991 में पहली बार जयललिता की शपथ ली और वे तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं। वहीं, 5 दिसंबर 2016 में उनका निधन हो गया है।
एन टी रामा राव
वर्ष 1949 में एन टी रामा राव उर्फ नंदमुरी तारक रामा राव ने अपनी पहली फिल्म ‘मन देसम’ की थी। उन्होंने लगभग 40 दशक के करियर में एन टी रामा राव ने 300 फिल्मों में काम किया। राजनीति में एन टी रामा राव ने 29 मार्च 1982 को तेलुगु देशम पार्टी की स्थापना की है। 9 महीने के अंदर ही वे मुख्यमंत्री बन गए। राजनैतिक सफर में उन्होंने सात साल में चार बार आंध्र प्रदेश के सीएम बनें। वहीं, 1984 में उनको बर्खास्त कर दिया था मगर जनता के प्यार और समर्थन से वो वापस लौटे। 
रजनीकांत
साउथ सुपरस्टार रजनीकांत ने अपना फिल्मी करियर की शुरुआत 1975 में की थी। उनकी पहली फिल्म के. बालाचंदर की ‘अपूर्वा रागंगल’ थी। रजनीकांत ने अपने करियर के शुरुआती 10 साल में लगभग 100 फिल्में बना डालीं। 80 और 90 के दशक में रजनीकांत ने साउथ में अमिताभ बच्चन की कई फिल्मों के रीमेक में लीड रोल निभाए। ‘डॉन’ की रीमेक ‘बिल्ला’ और ‘लावारिस’ के रीमेक ‘पणक्कारण’ में लीड रोल निभाया, जिससे उन्होंने सुपरस्टारडम मिला।
1996 में रजनीकांत ने पहली बार राजनैतिक बयान दिया। उन्होंने कहा कि ‘अगर जयललिता को दोबारा चुना गया, तो भगवान भी तमिलनाडु को नहीं बचा सकते’। इसके बाद रजनीकांत ने डीएमके-टीएमसी गठहबंधन को जीत हासिल करने में काफी मदद मिली। वहीं, जुलाई 2021 में उन्होंने अपनी पार्टी रजनी मक्कल मंदरम को भंग कर दिया और राजनीति से संन्यास ले लिया।
कमल हासन
कमल हासन लंबे समय से अपने राजनीतिक विचारों को खुलकर रखने के लिए जाने जाते हैं। हालांकि उन्होंने कभी भी DMK या AIADMK का हिस्सा बनने का विकल्प नहीं चुना, बल्कि इन दलों की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल उठाते रहे। साल 2016 में जे. जयललिता के निधन के बाद AIADMK में आंतरिक कलह बढ़ गई, जिससे राज्य की राजनीति अस्थिर हो गई। 
इसी पृष्ठभूमि में, 2018 में कमल हासन ने भारतीय जनता पार्टी और पारंपरिक द्रविड़ राजनीति से अलग विकल्प पेश करने के लिए अपनी पार्टी मक्कल निधि मैयम की स्थापना की। उनका उद्देश्य एक ऐसी राजनीतिक व्यवस्था बनाना था जो तर्कसंगत सोच और महात्मा गांधी के आदर्शों पर आधारित हो, लेकिन अपेक्षित जनसमर्थन न मिलने के कारण MNM राज्य की राजनीति में बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकी।
विजयकांत
तमिल सिनेमा के स्टार दिवंगत विजयकांत का नाम इन्हीं एक्टर्स में आता है जो अभिनेता से नेता बने थे। सफल फिल्मी करियर के बाद उन्होंने देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके) नाम की पार्टी  की स्थापना की। साल 2006 में विजयकांत की पार्टी पहली बार तमिलनाडु के चुनाव में उतरी। इसके साथ ही चुनाव में विजयकांत की पार्टी 8.4 प्रतिशत सीट जीतने में कामयाब रही है। 2011 में विजय की पार्टी ने एआईएडीएमके के साथ गठबंधन की सरकार के साथ 29 सीटें जीतीं और विपक्ष के नेता के रूप में उभरे। 
पवन कल्याण
पवन कल्या ने साउथ सिनेमा में कदम 1996 में रखा था। उन्होंने ‘अक्कदा अम्मायी इक्कदा अब्बायी’ से अपनी शुरुआत की और ‘गोकुलमलो सीता’ और ‘सुस्वागाथम’ जैसी फिल्मों से जल्द ही स्टारडम मिल गया। अभिनेता से राजनेता बने पवन कल्याण ने 2014 में जन सेना पार्टी (जेएसपी) की स्थापना की थी। जिसके बाद 2019 के आंध्र प्रदेश के चुनाव में उनकी कमजोर शुरुआत रही। लेकिन, 2024 में विधानसभा चुनावों पवन कल्याण ने जीत दर्ज की। इसके बाद 21 सीटें जीत कर वो उपमुख्यमंत्री बने।
थलापति विजय
दक्षिण भारत के मशहूर एक्टर थलापति विजय  निर्देशक एस.ए चंद्रशेखर के बेटे हैं। पारिवारिक जुड़ाव के कारण बचपन से ही फिल्मी दुनिया का हिस्सा रहे। उन्होंने 18 साल की उम्र में बतौर लीड एक्टर ‘नालैया थीरपु’ से फिल्मी दुनिया में कदम रखा। अब तक विजय ‘थेरी’, ‘मर्सेल’, ‘मास्टर’ और ‘लियो’ जैसी सुपरहिट फिल्में दे चुके हैं। फैंस को अब उनकी फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज का इंतजार है। 
विजय ने 2 फरवरी 2024 में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की स्थापना की। इसके बाद से आधिकारिक रुप से राजनीति में प्रवेश किए। इस बार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में खड़े हुए और इसके परिणाम के बाद ही उनका राजनीतिक भविष्य तय होगा। 

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