मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजगीर सफारी का दौरा किया:सुविधाओं की प्रशंसा की, शेरनी के शावक का नाम ‘लक्ष्मी’ रखा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजगीर सफारी का दौरा किया:सुविधाओं की प्रशंसा की, शेरनी के शावक का नाम ‘लक्ष्मी’ रखा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजगीर जू-नेचर सफारी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्लास ब्रिज समेत अन्य आधुनिक सुविधाओं का निरीक्षण कर उनकी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर वन्यप्राणी संरक्षण और आधुनिक पर्यटन का एक उत्कृष्ट मॉडल बन चुका है। इको-टूरिज्म का उभरता केंद्र बना राजगीर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर का जू सफारी और ग्लास ब्रिज बिहार की उभरती हुई इको-टूरिज्म पहचान को दर्शाता है। यहां प्रकृति, वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन का संतुलित विकास किया गया है। उन्होंने इस परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की प्रशंसा की। ग्लास ब्रिज की क्षमता बढ़ाने के निर्देश ग्लास ब्रिज के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए इसकी क्षमता विस्तार के लिए अत्याधुनिक ‘विलफ यॉक’ विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परिसर में उपलब्ध आधारभूत और पर्यटक सुविधाओं को और उन्नत किया जाए, ताकि पर्यटकों को विश्वस्तरीय और सुरक्षित अनुभव मिल सके। सफारी बसों की संख्या बढ़ाने पर जोर मुख्यमंत्री ने जू सफारी में आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए सफारी बसों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर बेहतर परिवहन और सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। वन्यजीव अस्पताल का किया निरीक्षण दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जू सफारी परिसर स्थित वन्यजीव अस्पताल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ‘हैंड रियरिंग’ के तहत संरक्षित किए जा रहे शेर के शावकों को देखा और उनके संरक्षण कार्यों की जानकारी ली। शेर की मादा शावक का नाम रखा ‘लक्ष्मी’ मुख्यमंत्री ने चार माह की मादा शेर शावक का नाम ‘लक्ष्मी’ रखा। इस दौरान उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों की सराहना करते हुए अधिकारियों को संरक्षण कार्यों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। कई अधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक डॉ. गोपाल सिंह, मुख्य वन संरक्षक डॉ. नेशामणी के० तथा नालंदा वन प्रमंडल पदाधिकारी राजकुमार एम० सहित कई अ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजगीर जू-नेचर सफारी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्लास ब्रिज समेत अन्य आधुनिक सुविधाओं का निरीक्षण कर उनकी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर वन्यप्राणी संरक्षण और आधुनिक पर्यटन का एक उत्कृष्ट मॉडल बन चुका है। इको-टूरिज्म का उभरता केंद्र बना राजगीर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर का जू सफारी और ग्लास ब्रिज बिहार की उभरती हुई इको-टूरिज्म पहचान को दर्शाता है। यहां प्रकृति, वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन का संतुलित विकास किया गया है। उन्होंने इस परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की प्रशंसा की। ग्लास ब्रिज की क्षमता बढ़ाने के निर्देश ग्लास ब्रिज के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए इसकी क्षमता विस्तार के लिए अत्याधुनिक ‘विलफ यॉक’ विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परिसर में उपलब्ध आधारभूत और पर्यटक सुविधाओं को और उन्नत किया जाए, ताकि पर्यटकों को विश्वस्तरीय और सुरक्षित अनुभव मिल सके। सफारी बसों की संख्या बढ़ाने पर जोर मुख्यमंत्री ने जू सफारी में आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए सफारी बसों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर बेहतर परिवहन और सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। वन्यजीव अस्पताल का किया निरीक्षण दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जू सफारी परिसर स्थित वन्यजीव अस्पताल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ‘हैंड रियरिंग’ के तहत संरक्षित किए जा रहे शेर के शावकों को देखा और उनके संरक्षण कार्यों की जानकारी ली। शेर की मादा शावक का नाम रखा ‘लक्ष्मी’ मुख्यमंत्री ने चार माह की मादा शेर शावक का नाम ‘लक्ष्मी’ रखा। इस दौरान उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों की सराहना करते हुए अधिकारियों को संरक्षण कार्यों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। कई अधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक डॉ. गोपाल सिंह, मुख्य वन संरक्षक डॉ. नेशामणी के० तथा नालंदा वन प्रमंडल पदाधिकारी राजकुमार एम० सहित कई अ  

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