Principal Teaching Rules: स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी शासकीय हाई स्कूल और हायर सेकंडरी स्कूलों के प्राचार्यों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। नई व्यवस्था के तहत प्राचार्यों की प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ ही उनकी कक्षाओं में सीधी भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके अनुसार संबंधित विद्यालय के प्राचार्य को स्कूल से जुड़े सभी प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों का निर्वहन करना होगा। साथ ही, आवश्यकतानुसार उन्हें प्रतिदिन कम से कम दो कालखंड (पीरियड) अध्यापन कार्य भी करना होगा।
विभाग का यह निर्देश विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा विद्यार्थियों की पढ़ाई में प्राचार्यों की सीधी भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से जारी किया गया है। प्राचार्य जहां एक ओर विद्यालय के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे, वहीं दूसरी ओर जरूरत के अनुसार कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य भी करेंगे।
निर्धारित कक्षों में ही बैठेंगे प्राचार्य और स्टाफ
नई गाइडलाइन में विद्यालय भवन के उपयोग को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय भवन के ड्राइंग और डिजाइन के अनुसार प्राचार्य, लिपिक तथा अन्य स्टाफ को उनके लिए निर्धारित कक्षों में ही बैठना होगा। अध्यापन के लिए निर्धारित कक्षों का उपयोग प्राचार्य, लिपिक या अन्य स्टाफ के बैठने के लिए नहीं किया जाएगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन कक्षों का निर्माण विद्यार्थियों के अध्ययन-अध्यापन के लिए किया गया है, उनका उपयोग उसी उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए। इससे विद्यालयों में उपलब्ध कक्षों का बेहतर उपयोग हो सकेगा और विद्यार्थियों के लिए अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी।
बड़े कक्षों का उपयोग भी अध्यापन के लिए
गाइडलाइन में विद्यालयों में उपलब्ध बड़े कक्षों के उपयोग को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। ऐसे बड़े कक्षों का उपयोग छात्र-छात्राओं के अध्ययन-अध्यापन के लिए ही किया जाएगा। इन कक्षों को कार्यालयीन कार्यों या स्टाफ के बैठने के लिए उपयोग में नहीं लाया जाएगा।
विभाग का उद्देश्य विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सके और स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां व्यवस्थित तरीके से संचालित हों।
संभाग और जिला अधिकारियों को पालन के निर्देश
स्कूल शिक्षा विभाग ने इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी संभागीय संयुक्त संचालकों, शिक्षा संभाग छत्तीसगढ़ और सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है। संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के शासकीय हाई स्कूल और हायर सेकंडरी स्कूलों में नई गाइडलाइन के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
नई व्यवस्था के तहत अब प्राचार्यों की भूमिका केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं रहेगी। उन्हें विद्यालय के प्रशासनिक और वित्तीय दायित्वों के साथ ही आवश्यकता के अनुसार प्रतिदिन कम से कम दो पीरियड अध्यापन कार्य भी करना होगा। इससे विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था में प्राचार्यों की प्रत्यक्ष भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।

