मुंगेर जिले के टेटिया बंबर निवासी अंतरराष्ट्रीय कलाकार राजन कुमार एक बार फिर विदेश में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। चार्ली चैपलिन द्वितीय के नाम से मशहूर राजन कुमार जल्द ही चीन दौरे पर रवाना होंगे। इस दौरान वह मकाऊ और हॉन्गकॉन्ग में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और अपना 5381वां लाइव शो प्रस्तुत करेंगे। राजन कुमार 6 जून 2026 को हॉन्गकॉन्ग में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में अपनी विशेष प्रस्तुति देंगे। यह कॉन्फ्रेंस “वैश्विक विकास में संस्कृति एवं विज्ञान की भूमिका” विषय पर केंद्रित होगी और इसका आयोजन Science Together द्वारा किया जाएगा। उनकी इस प्रस्तुति को लेकर प्रशंसकों में काफी उत्साह है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा चुके राजन कुमार अपनी अनोखी कॉमिक टाइमिंग और चार्ली चैपलिन शैली के अभिनय के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं। वह पिछले 25 वर्षों से चार्ली चैपलिन के किरदार को मंच पर जीवंत कर रहे हैं। राजन कुमार अपने कार्यक्रमों के माध्यम से शांति, भाईचारे और मुस्कुराहट का संदेश भी देते हैं। हाथ में तख्ती लेकर “वर्ल्ड वार नहीं, अमन-चैन चाहिए” का संदेश देना उनकी प्रस्तुति की एक खास पहचान बन चुकी है। उनकी चीन यात्रा को उनकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। मुंगेर जिले के टेटिया बंबर निवासी अंतरराष्ट्रीय कलाकार राजन कुमार एक बार फिर विदेश में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। चार्ली चैपलिन द्वितीय के नाम से मशहूर राजन कुमार जल्द ही चीन दौरे पर रवाना होंगे। इस दौरान वह मकाऊ और हॉन्गकॉन्ग में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और अपना 5381वां लाइव शो प्रस्तुत करेंगे। राजन कुमार 6 जून 2026 को हॉन्गकॉन्ग में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में अपनी विशेष प्रस्तुति देंगे। यह कॉन्फ्रेंस “वैश्विक विकास में संस्कृति एवं विज्ञान की भूमिका” विषय पर केंद्रित होगी और इसका आयोजन Science Together द्वारा किया जाएगा। उनकी इस प्रस्तुति को लेकर प्रशंसकों में काफी उत्साह है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा चुके राजन कुमार अपनी अनोखी कॉमिक टाइमिंग और चार्ली चैपलिन शैली के अभिनय के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध हैं। वह पिछले 25 वर्षों से चार्ली चैपलिन के किरदार को मंच पर जीवंत कर रहे हैं। राजन कुमार अपने कार्यक्रमों के माध्यम से शांति, भाईचारे और मुस्कुराहट का संदेश भी देते हैं। हाथ में तख्ती लेकर “वर्ल्ड वार नहीं, अमन-चैन चाहिए” का संदेश देना उनकी प्रस्तुति की एक खास पहचान बन चुकी है। उनकी चीन यात्रा को उनकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।


