TISS प्रोफेसर को WhatsApp ग्रुप बनाने पर जबरन रिटायरमेंट गलत, Bombay HC की कड़ी टिप्पणी
बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि किसी संस्था की मंज़ूरी के बिना सिर्फ़ WhatsApp ग्रुप शुरू करने पर ही अनिवार्य रिटायरमेंट जैसी सख़्त सज़ा नहीं दी जा सकती, खासकर तब जब यह साबित न हुआ हो कि कर्मचारी को उस ग्रुप से कोई निजी आर्थिक फ़ायदा हुआ था। यह टिप्पणी 57 साल के स्वपन गराइन…

