कॉलेज लाइफ को दिल से जिएं, गलतियों को स्वीकारें:बंसल इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर पार्थ बंसल बोले- युवाओं को एक्सपोजर के साथ विनम्रता और धैर्य भी सीखना जरूरी
विदेश जाकर पढ़ाई करने के बाद भारत लौटना मेरे लिए कोई मजबूरी नहीं, बल्कि हमेशा से सोचा हुआ फैसला था। परिवार का स्थापित बिजनेस था और मेरा इरादा उसे आगे बढ़ाने का था। कोविड के दौरान जब भारत लौटना हुआ, तभी मैंने पिता के साथ काम शुरू किया और फिर वापस अमेरिका जाने का मौका…

