अररिया शहर में एबीसी नहर मार्ग पर बोआरी बाद के समीप खुले में कचरा डंप किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। नगर परिषद के कचरा वाहनों और निजी अस्पतालों पर यहां कचरा फेंकने का आरोप है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से कचरा एकत्र कर यहीं डंप किया जाता है। निजी अस्पतालों के मेडिकल वेस्ट को भी रात के अंधेरे में फेंका जा रहा है। कचरे के सड़ने से उठने वाली तेज दुर्गंध से राहगीरों को नाक बंद कर गुजरना पड़ता है। डंपिंग स्थल से लगभग 500 मीटर दूर है घर राहगीरों गोपाल कृष्ण, मयान्दं साह और जयंती देवी ने बताया कि उनके घर डंपिंग स्थल से लगभग 500 मीटर दूर हैं, लेकिन कचरे से निकलने वाली दुर्गंध और आग लगाने के बाद उठने वाला धुआं उनके घरों तक पहुंचता है। इससे लोगों को घुटन और सांस संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड संख्या 7 के पार्षद श्याम कुमार मंडल और ओम नगर वार्ड संख्या 8 के पार्षद प्रतिनिधि राजेश पासवान ने बताया कि इस संबंध में नगर परिषद में कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। शिकायतों के बाद कुछ समय के लिए कचरा डंपिंग बंद हुई थी, लेकिन लगभग एक महीने से यह फिर से शुरू हो गई है। कचरे में अक्सर लगा दी जाती है आग स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि डंप किए गए कचरे में अक्सर आग लगा दी जाती है। इससे निकलने वाला धुआं और दुर्गंध आसपास के वातावरण को गंभीर रूप से प्रदूषित कर रहा है, जिससे सांस लेने में परेशानी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। अररिया शहर में एबीसी नहर मार्ग पर बोआरी बाद के समीप खुले में कचरा डंप किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। नगर परिषद के कचरा वाहनों और निजी अस्पतालों पर यहां कचरा फेंकने का आरोप है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से कचरा एकत्र कर यहीं डंप किया जाता है। निजी अस्पतालों के मेडिकल वेस्ट को भी रात के अंधेरे में फेंका जा रहा है। कचरे के सड़ने से उठने वाली तेज दुर्गंध से राहगीरों को नाक बंद कर गुजरना पड़ता है। डंपिंग स्थल से लगभग 500 मीटर दूर है घर राहगीरों गोपाल कृष्ण, मयान्दं साह और जयंती देवी ने बताया कि उनके घर डंपिंग स्थल से लगभग 500 मीटर दूर हैं, लेकिन कचरे से निकलने वाली दुर्गंध और आग लगाने के बाद उठने वाला धुआं उनके घरों तक पहुंचता है। इससे लोगों को घुटन और सांस संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड संख्या 7 के पार्षद श्याम कुमार मंडल और ओम नगर वार्ड संख्या 8 के पार्षद प्रतिनिधि राजेश पासवान ने बताया कि इस संबंध में नगर परिषद में कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। शिकायतों के बाद कुछ समय के लिए कचरा डंपिंग बंद हुई थी, लेकिन लगभग एक महीने से यह फिर से शुरू हो गई है। कचरे में अक्सर लगा दी जाती है आग स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि डंप किए गए कचरे में अक्सर आग लगा दी जाती है। इससे निकलने वाला धुआं और दुर्गंध आसपास के वातावरण को गंभीर रूप से प्रदूषित कर रहा है, जिससे सांस लेने में परेशानी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

