मथुरा के बरसाना में रविवार को एडवोकेट को अगवा कर बंधक बनाने के मामले में पूर्व चेयरमैन,उनकी पत्नी,बेटे के साथ 7 नामजद लोगों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा FIR में 30 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि एकजुट होकर चैयरमैन के बेटे ने एडवोकेट को जबरन अगवा किया और फिर कोठी में ले जाकर मारपीट की और नगदी छीन ली। इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकद्दमा पुलिस ने एडवाकेट दिवाकर शर्मा के पिता राधेश्याम की तहरीर पर चेयरमैन बलराज चौधरी,उनके बेटे गोपाल,पत्नी सुनीता के अलावा गोकुलेश राहुल गुर्जर,विनोद,विश्राम के अलावा 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि गोपाल ने तीन कारों में सवार बदमाशों के साथ हथियारों से लैस होकर उनके बेटे दिवाकर की गाड़ी को रोक लिया और अवैध तमंचे से फायर किया। फायरिंग में बचे दिवाकर थाना बरसाना पुलिस को दिवाकर के पिता ने बताया कि गोपाल ने फायर किया जिसमें वह बाल बाल बच गए,इसके बाद मारपीट करते हुए अपनी कार में डाल लिया और कोठी पर ले गए। जहां बलराज चौधरी उनकी पत्नी सुनीता ने 15 -20 अज्ञात लोगों के साथ मिलकर दिवाकर से मारपीट की। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि डेढ़ घंटे तक बंधक बनाकर मारपीट की गई। इस वजह से की मारपीट दिवाकर शर्मा के पिता राधेश्याम ने बताया कि बलराज की कोठी के पास उनकी एक कीमती जमीन है,जिस पर प्लॉटिंग की जा रही है। बलराज चौधरी इस जमीन को हड़पना चाहते हैं। इसी के लिए दिवाकर का अपहरण किया और उससे कोरे 5-6 कागज पर अंगूठा लगवा लिया। राधेश्याम ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को भी बलराज ने जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया था,जिसमें बरसाना पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की थी। एक लाख 20 हजार रुपए लूटने का आरोप दर्ज कराई FIR में आरोप लगाया है कि वारदात के दौरान आरोपियों ने उनके बेटे से एक लाख 20 हजार रुपए लूट लिए। मौके से निकल रहे राहगीरों ने इसकी सूचना बरसाना के लोगों और पुलिस को दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दिवाकर को बंधन मुक्त कराया। बलराज चौधरी 2012 में चुनाव लड़ा था ओड बरसाना के चेयरमैन बने थे। बलराज चौधरी दिल्ली के रहने वाले हैं और बड़े प्रॉपर्टी डीलर हैं।


