Case of student losing three teeth in Agra DPS school: आगरा के एक प्राइवेट स्कूल में दो छात्रों के बीच हुई मारपीट का मामला तूल पकड़ रहा है। इस मामले में नाबालिग छात्र के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था, जो किशोर न्याय अधिनियम के खिलाफ थका। पुलिस की किरकिरी हो रही थी। जांच में लापरवाही और खामियां निकलने पर दर्ज मुकदमा निरस्त कर दिया गया। इसके साथ ही लापरवाही बरतने के आरोप में कमिश्नरेट पुलिस ने दरोगा सहित 3 पुलिसकर्मियों कर्मियों को निलंबित कर दिया। थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। मामला सिकंदरा थाना क्षेत्र का है।
25 अप्रैल को हुई थी दो छात्रों के बीच लड़ाई
उत्तर प्रदेश के आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत दिल्ली पब्लिक स्कूल में बीते 25 अप्रैल को दो छात्रों के बीच लड़ाई हो गई थी, जिसमें एक छात्र ने दूसरे छात्र को पंच, यानी मुक्का मार दिया। यह मार इतनी भयानक थी कि नाबालिग छात्र के आगे के तीन दांत टूट गए। इस संबंध में छात्र के पिता ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाया था। उन्होंने बताया कि बेटे के इलाज की जगह उन्हें बताया गया कि आपके बेटे को चोट लग गई है, आ जाइए।
जिलाधिकारी से मिलकर की शिकायत
इस संबंध में पीड़ित घायल छात्र के पिता ने जिलाधिकारी से भी मिलकर कार्रवाई करने की मांग की थी। घायल छात्र के पिता पीयूष मल्होत्रा ने जिलाधिकारी से मिलकर शिकायत की कि इस मामले में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाने का आश्वासन दिया।
इधर नाबालिग छात्र के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा निरस्त
इधर सिकंदरा थाना पुलिस ने नाबालिग छात्र के खिलाफ संगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। यह मुकदमा नाबालिग छात्र के खिलाफ दर्ज किया गया था जो किशोर न्याय अधिनियम के विपरीत था। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि किशोर न्याय बोर्ड अधिनियम के अंतर्गत नाबालिग छात्र पर सीधे मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सकता है। लिखित तहरीर को जीडी तस्करा में डाला जाना चाहिए, बाद में सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट दी जाती है और मामला किशोर न्याय बोर्ड के सामने सुनवाई के लिए भेजा जाता है, लेकिन मुकदमा दर्ज करने में उपरोक्त नियमों का उल्लंघन किया गया है।
दरोगा सहित तीन निलंबित
डीसीपी सिटी ने बताया कि बाल कल्याण अधिकारी दरोगा मणिपाल सिंह, मुकदमा दर्ज करने वाले मुंशी कमल चंदेल और सिपाही सनी धाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार त्रिपाठी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


