बेतिया में विकास मित्र पर फर्जी डिग्री का केस दर्ज:संस्कृत शिक्षा बोर्ड का प्रमाण पत्र जांच में निकला फर्जी

बेतिया में विकास मित्र पर फर्जी डिग्री का केस दर्ज:संस्कृत शिक्षा बोर्ड का प्रमाण पत्र जांच में निकला फर्जी

बेतिया जिले के लौरिया प्रखंड अंतर्गत कटैया पंचायत में कार्यरत विकास मित्र सुशीला कुमारी के खिलाफ फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जांच में उनका संस्कृत शिक्षा बोर्ड का प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया, जिसके बाद लौरिया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई प्रखंड कल्याण पदाधिकारी विकास कुमार के आवेदन पर की गई है। नरकटियागंज अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) के निर्देश के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल केस दर्ज कराया। जिलाधिकारी के जनता दरबार में शिकायत दर्ज कराई थी इस मामले का खुलासा तब हुआ जब सिकंदर राम नामक व्यक्ति ने जिलाधिकारी के जनता दरबार में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने संबंधित प्रमाण पत्र की जांच की मांग की थी, जिसके बाद प्रशासन ने जांच कराई और आरोप सही पाए गए। जांच में स्पष्ट हुआ कि प्रस्तुत शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी था। मंगलवार को पुलिस टीम लौरिया प्रखंड कल्याण कार्यालय पहुंची और मामले से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि फर्जी प्रमाण पत्र कैसे तैयार किया गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस तरह के अन्य मामले भी सामने आए हैं। नौकरी प्राप्त करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी प्रशासन ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि प्रशासन नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी को स्वीकार नहीं करेगा। बेतिया जिले के लौरिया प्रखंड अंतर्गत कटैया पंचायत में कार्यरत विकास मित्र सुशीला कुमारी के खिलाफ फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जांच में उनका संस्कृत शिक्षा बोर्ड का प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया, जिसके बाद लौरिया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई प्रखंड कल्याण पदाधिकारी विकास कुमार के आवेदन पर की गई है। नरकटियागंज अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) के निर्देश के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल केस दर्ज कराया। जिलाधिकारी के जनता दरबार में शिकायत दर्ज कराई थी इस मामले का खुलासा तब हुआ जब सिकंदर राम नामक व्यक्ति ने जिलाधिकारी के जनता दरबार में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने संबंधित प्रमाण पत्र की जांच की मांग की थी, जिसके बाद प्रशासन ने जांच कराई और आरोप सही पाए गए। जांच में स्पष्ट हुआ कि प्रस्तुत शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी था। मंगलवार को पुलिस टीम लौरिया प्रखंड कल्याण कार्यालय पहुंची और मामले से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि फर्जी प्रमाण पत्र कैसे तैयार किया गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस तरह के अन्य मामले भी सामने आए हैं। नौकरी प्राप्त करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी प्रशासन ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि प्रशासन नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी को स्वीकार नहीं करेगा।  

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