संतकबीरनगर : उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में रविवार की सुबह प्रशासन ने उस मदरसे पर बुलडोजर चला दिया जो सालों से विवादों के केंद्र में था। खलीलाबाद गांव में स्थित मौलाना शमसुल हुदा खान का यह तीन मंजिला मदरसा सुबह 10 बजे से 6 बुलडोजरों की जद में है। चारों तरफ की दीवारें गिरा दी गई हैं और अब 50 पिलरों को तोड़ा जा रहा है। मौके पर 30 महिला सिपाहियों समेत 100 पुलिसकर्मी और पीएसी की दो कंपनियां तैनात हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
प्रशासन के मुताबिक मौलाना शमसुल हुदा खान ने करीब 8 साल पहले सरकारी जमीन के 640 वर्गमीटर यानी लगभग 7 हजार वर्गफीट हिस्से पर यह इमारत खड़ी की थी। 25 कमरों वाले इस मदरसे की निर्माण लागत करीब 5 करोड़ रुपए बताई जाती है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि इसे विदेशी फंडिंग से बनाया गया। मदरसे में कभी 400 से अधिक बच्चे पढ़ते थे, लेकिन यह 2024 से बंद पड़ा है।
मौलाना खुद 2017 में देश छोड़कर ब्रिटेन चला गया और वहां की नागरिकता ले ली। लेकिन इसके बावजूद वह आजमगढ़ के एक सरकारी मदरसे से 10 साल तक वेतन उठाते रहे। बाद में अधिकारियों की मिलीभगत से उन्होंने वीआरएस भी हासिल कर ली। जब करीब पांच महीने पहले यह घोटाला सामने आया तो अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के चार अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया। फिलहाल उनकी पत्नी, बेटा और बहू खलीलाबाद में ही रह रहे हैं।
25 अप्रैल को जारी हुआ आदेश
कार्रवाई की नींव 2024 में उस वक्त पड़ी जब गांव निवासी अब्दुल हकीम ने एसडीएम कोर्ट में अवैध निर्माण की शिकायत दर्ज कराई। नवंबर 2025 में कोर्ट ने 15 दिन का नोटिस देते हुए मदरसा गिराने का आदेश सुनाया। मदरसा प्रबंधन ने पहले डीएम और फिर कमिश्नर के पास याचिका दाखिल की, लेकिन 25 अप्रैल को बस्ती मंडल के कमिश्नर ने भी याचिका खारिज करते हुए एसडीएम के आदेश पर मुहर लगा दी। इसके बाद रिमाइंडर नोटिस जारी हुआ और आज सुबह बुलडोजर चल पड़े।
2 नवंबर 2024 को दर्ज हुआ था मुकदमा
मौलाना के खिलाफ कुल तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। संतकबीरनगर में विदेशी फंडिंग व संदिग्ध गतिविधियों का, आजमगढ़ में धोखाधड़ी व आर्थिक गड़बड़ी का, और 2 नवंबर 2024 को खलीलाबाद कोतवाली में विदेशी मुद्रा अधिनियम के उल्लंघन समेत कई गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमा। पहले दो में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जा चुकी है। मदरसा प्रबंधन का कहना है कि प्रशासन ने अंदर रखा जरूरी सामान निकालने का मौका तक नहीं दिया। बहरहाल, ब्रिटेन में बैठे मौलाना से जुड़ा यह पूरा मामला अब कानून के शिकंजे में पूरी तरह कस चुका है।


