श्योपुर/राजगढ़
MP News: मध्यप्रदेश के श्योपुर में मासूम बच्ची को मनहूस समझकर लावारिस हालत में सुनसान रास्ते पर राजगढ़ के दंपती के द्वारा छोड़े जाने के मामले में रविवार को पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक मानवता को शर्मसार करने वाले मूंदड़ा दंपति ने रोड पर लावारिस हाल में छोड़ी गई बच्ची को एक लाख रुपए में खरीदा था। पूरा मामला ह्यूमन ट्रैफिकिंग से जुड़ा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने इंदौर से ब्यूटी पार्लर संचालक महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में नया खुलासा
पुलिस जांच ने बड़ा मोड़ लिया है, पहले केवल बच्ची को छोड़ने का मामला सामने आया था, लेकिन अब बच्चों की खरीद-फरोख्त का नेटवर्क उजागर हुआ है। पुलिस के अनुसार आरोपी आकाश मूंदड़ा और कृतिका मूंदड़ा ने छह दिन की बच्ची को एक लाख रुपए में खरीदा था। यह बच्ची तीन महिलाओं के जरिए होते हुए मूंदड़ा दंपती तक पहुंची। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक महिला ने दूसरी से और उसने तीसरी महिला से बच्ची ली थी, जिसे किसी अस्पताल से लाया गया था। हालांकि बच्ची को अस्पताल से चोरी किया गया या उसके वास्तविक माता-पिता से खरीदा गया, इसकी जांच जारी है।
खरीद-फरोख्त के नेटवर्क की आशंका
रविवार को मामले का खुलासा करते हुए श्योपुर एसपी सुधीर कुमार अग्रवाल ने बताया कि अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ के आधार पर पुलिस बच्ची के जैविक माता-पिता की तलाश में जुटी है। जांच में यह भी सामने आया है कि यह केवल एक बच्ची का मामला नहीं हो सकता। पुलिस को आशंका है कि आरोपी महिलाओं का नेटवर्क अन्य बच्चों की खरीद-फरोख्त में भी सक्रिय हो सकता है। आरोपियों के तार इंदौर, धार और खरगोन से जुड़े बताए जा रहे हैं। मामले में बीएनएस की धारा 93, 98, 99 और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 81 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
पहले गोद लेने की बात, पूछताछ में सच उजागर
मूंदड़ा दंपती ने प्रारंभ में बच्ची को गोद लेने की बात कही थी और आर्थिक तंगी के कारण उसे छोड़ने का कारण बताया था। हालांकि पुलिस को संदेह हुआ और सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने एक लाख रुपए में बच्ची खरीदने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस टीम इंदौर भेजी गई, जहां से ब्यूटी पार्लर संचालिका, उसके पति और दो अन्य महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी दंपती राजगढ़ जिले से मेहंदीपुर बालाजी और खाटूश्याम की यात्रा पर निकले थे। उनका प्रारंभिक प्लान बच्ची को मंदिर में छोड़ने का था, लेकिन श्योपुर के सोईंकला क्षेत्र में सुनसान स्थान देखकर वहीं छोड़ दिया।


