Brain Hemorrhage Hindi: ब्रेन हेमरेज (Brain Hemorrhage) यानी दिमाग की नस फटना या दिमाग के अंदर ब्लीडिंग होना एक बेहद गंभीर स्थिति है। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें अगर सही समय पर इलाज न मिले तो मरीज की जान को खतरा हो सकता है। अक्सर लोग इसे साधारण सिरदर्द या थकान समझकर अनदेखा कर देते हैं, जो बहुत भारी पड़ सकता है। वेबएमडी (WebMD) के मुताबिक, अगर इसके शुरुआती लक्षणों को समय पर पहचान लिया जाए, तो मरीज की जान बचाई जा सकती है। ब्रेन हेमरेज को सेरेब्रल हेमरेज, इंट्राक्रैनियल हेमरेज, इंट्रासेरेब्रल हेमरेज, हेमरेजिक स्ट्रोक या ब्रेन ब्लीड भी कहा जाता है। ये सभी स्ट्रोक का लगभग 13% हिस्सा हैं। आइए जानते हैं कि ब्रेन हेमरेज क्या है, इसके शुरुआती संकेत क्या होते हैं और ऐसा होने पर क्या करना चाहिए।
ब्रेन हेमरेज आखिर क्या है?
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, ब्रेन हेमरेज एक प्रकार का स्ट्रोक है। हमारे दिमाग में खून पहुंचाने वाली बहुत सी बारीक नसें होती हैं। जब इनमें से कोई नस फट जाती है या उससे खून रिसने लगता है, तो वह खून दिमाग के आसपास के हिस्सों में फैल जाता है। इसी को ब्रेन ब्लीडिंग या ब्रेन हेमरेज कहते हैं। दिमाग के अंदर खून जमा होने से वहां दबाव (Pressure) बढ़ता है, जिससे दिमाग की कोशिकाओं (Brain cells) को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और वे तेजी से मरने लगती हैं।
शरीर में दिखने वाले मुख्य शुरुआती संकेत
ब्रेन हेमरेज के लक्षण अक्सर अचानक सामने आते हैं। अगर किसी व्यक्ति में नीचे दी गई परेशानियां अचानक दिखाई दें, तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए:
- अचानक और बहुत तेज सिरदर्द।
- शरीर के एक हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन।
- बोलने और समझने में दिक्कत।
- आंखों से धुंधला दिखना।
- संतुलन और तालमेल बिगड़ना।
- उल्टी और जी मिचलाना।
- गर्दन में अकड़न।
- बेहोशी या दौरे पड़ना।
यह समस्या क्यों होती है?
ब्रेन हेमरेज के पीछे कई मुख्य कारण हो सकते हैं;
- हाई ब्लड प्रेशर (High BP)।
- सिर में गंभीर चोट।
- एन्यूरिज्म (Aneurysm)।
- खून पतला करने वाली दवाएं।
- धूम्रपान, अत्यधिक शराब का सेवन ।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

