औरंगाबाद में कल से BPSC की परीक्षा:19 केंद्रों पर दो पालियों में होगा एग्जाम, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने पर रोक

औरंगाबाद में कल से BPSC की परीक्षा:19 केंद्रों पर दो पालियों में होगा एग्जाम, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने पर रोक

औरंगाबाद में बिहार लोक सेवा आयोग की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा के सफल, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त संचालन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। आज जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर कलेक्ट्रेट स्थित योजना भवन के सभा कक्ष में अपर समाहर्ता (विशेष शाखा) की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई। बैठक बिहार लोक सेवा आयोग के विज्ञापन संख्या 87/2025 के अंतर्गत आयोजित होने वाली सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी। यह परीक्षा 14, 15, 17, 18, 20 और 21 अप्रैल 2026 को जिले के 19 परीक्षा केंद्रों पर एकल और द्वितीय पाली में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन को सुनिश्चित करेंगे बैठक में अपर समाहर्ता ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टैटिक दंडाधिकारी-सह-प्रेक्षक की तैनाती की गई है, जो पुलिस बल के साथ परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले अनिवार्य रूप से केंद्र पर उपस्थित रहेंगे। वे अपने पर्यवेक्षण में वीक्षकों की रैंडम प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करेंगे और केंद्राधीक्षक के साथ समन्वय स्थापित कर परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन को सुनिश्चित करेंगे। साथ ही परीक्षा केंद्र परिसर और कक्षों का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा।अभ्यर्थियों के प्रवेश को लेकर कड़े निर्देश दिए गए हैं। केंद्राधीक्षक, दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी की मौजूदगी में अभ्यर्थियों की सघन जांच (फ्रिस्किंग) की जाएगी। ई-एडमिट कार्ड पर अंकित क्यूआर या बार कोड को स्कैन कर फोटो और पहचान लेटर का मिलान करने के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए आयोग की अधिकृत एजेंसी की ओर से सभी केंद्रों पर आवश्यक उपकरण और जनशक्ति उपलब्ध कराई जाएगी। वीक्षकों को भी परीक्षा केंद्र के अंदर एंड्रॉयड मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी, जबकि केंद्राधीक्षक केवल की-पैड वाले साधारण मोबाइल का उपयोग कर सकेंगे। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने पर रोक प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा शुरू होने के एक घंटे पहले तक ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा कक्ष में प्रवेश के बाद भी वीक्षकों की ओर से फिर से तलाशी ली जाएगी, ताकि कोई भी प्रतिबंधित सामग्री अंदर न ले जाई जा सके। परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ, वाई-फाई गैजेट, स्मार्ट या सामान्य घड़ी, इलेक्ट्रॉनिक पेन, पेजर, व्हाइटनर, इरेज़र और ब्लेड जैसी सामग्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। किसी भी अभ्यर्थी के पास ऐसी सामग्री पाए जाने पर कदाचार मानते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा समाप्ति से पहले किसी भी अभ्यर्थी को कक्ष छोड़ने की अनुमति नहीं होगी और ओएमआर उत्तर पत्रक के मिलान के बाद ही बाहर जाने दिया जाएगा। कदाचारमुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्टैटिक, जोनल और उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है, जो परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा सभी केंद्रों पर परीक्षा की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। बैठक में अपर समाहर्ता (आपदा) उपेंद्र पंडित, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह, सदर एसडीपीओ, जिला योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश, जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित सभी केंद्राधीक्षक और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। औरंगाबाद में बिहार लोक सेवा आयोग की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा के सफल, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त संचालन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। आज जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर कलेक्ट्रेट स्थित योजना भवन के सभा कक्ष में अपर समाहर्ता (विशेष शाखा) की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई। बैठक बिहार लोक सेवा आयोग के विज्ञापन संख्या 87/2025 के अंतर्गत आयोजित होने वाली सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी। यह परीक्षा 14, 15, 17, 18, 20 और 21 अप्रैल 2026 को जिले के 19 परीक्षा केंद्रों पर एकल और द्वितीय पाली में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन को सुनिश्चित करेंगे बैठक में अपर समाहर्ता ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टैटिक दंडाधिकारी-सह-प्रेक्षक की तैनाती की गई है, जो पुलिस बल के साथ परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले अनिवार्य रूप से केंद्र पर उपस्थित रहेंगे। वे अपने पर्यवेक्षण में वीक्षकों की रैंडम प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करेंगे और केंद्राधीक्षक के साथ समन्वय स्थापित कर परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन को सुनिश्चित करेंगे। साथ ही परीक्षा केंद्र परिसर और कक्षों का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा।अभ्यर्थियों के प्रवेश को लेकर कड़े निर्देश दिए गए हैं। केंद्राधीक्षक, दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी की मौजूदगी में अभ्यर्थियों की सघन जांच (फ्रिस्किंग) की जाएगी। ई-एडमिट कार्ड पर अंकित क्यूआर या बार कोड को स्कैन कर फोटो और पहचान लेटर का मिलान करने के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए आयोग की अधिकृत एजेंसी की ओर से सभी केंद्रों पर आवश्यक उपकरण और जनशक्ति उपलब्ध कराई जाएगी। वीक्षकों को भी परीक्षा केंद्र के अंदर एंड्रॉयड मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी, जबकि केंद्राधीक्षक केवल की-पैड वाले साधारण मोबाइल का उपयोग कर सकेंगे। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने पर रोक प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा शुरू होने के एक घंटे पहले तक ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा कक्ष में प्रवेश के बाद भी वीक्षकों की ओर से फिर से तलाशी ली जाएगी, ताकि कोई भी प्रतिबंधित सामग्री अंदर न ले जाई जा सके। परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ, वाई-फाई गैजेट, स्मार्ट या सामान्य घड़ी, इलेक्ट्रॉनिक पेन, पेजर, व्हाइटनर, इरेज़र और ब्लेड जैसी सामग्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। किसी भी अभ्यर्थी के पास ऐसी सामग्री पाए जाने पर कदाचार मानते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा समाप्ति से पहले किसी भी अभ्यर्थी को कक्ष छोड़ने की अनुमति नहीं होगी और ओएमआर उत्तर पत्रक के मिलान के बाद ही बाहर जाने दिया जाएगा। कदाचारमुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्टैटिक, जोनल और उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है, जो परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा सभी केंद्रों पर परीक्षा की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। बैठक में अपर समाहर्ता (आपदा) उपेंद्र पंडित, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह, सदर एसडीपीओ, जिला योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश, जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित सभी केंद्राधीक्षक और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

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