1.50 लाख परिवारों के ‘BPL कार्ड’ होंगे निरस्त, लिस्ट से बाहर होगा नाम

1.50 लाख परिवारों के ‘BPL कार्ड’ होंगे निरस्त, लिस्ट से बाहर होगा नाम

MP News: शहर में डेढ़ लाख फर्जी गरीब लिस्ट से बाहर होने वाले हैं। गलत तरीके से दस्तावेज तैयार कर गरीबी रेखा में शामिल इन फर्जी गरीबों को जनगणना अभियान के दौरान पहचाना जाएगा। बिलो पॉवर्टी लाइन कार्ड बनवाने के बाद अच्छे खासे घरों में रहने वाले और अच्छा जीवन जीने वाले ये परिवार गरीबों के हिस्से की सुविधा लूट रहे थे। जनगणना अभियान के दौरान होने वाले मकान सर्वे के काम में ऐसे कार्डधारियों को विशेष रूप से पहचान सूची में शामिल किया जा रहा है।

राजधानी के 85 वार्ड में मौजूद कच्चे पक्के मकान की मैपिंग में बिलो पॉवर्टी लाइन श्रेणी के मकानों को चिन्हित किया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शहर में डेढ़ लाख अच्छे और पक्के मकान हैं, जिन्हें गरीबी रेखा सूची में शामिल करवा लिया गया है। इन्हें सिस्टम से बाहर करने से पहले सुनवाई का मौका दिया जाएगा। यदि यह परिवार अपनी बात साबित करने में असफल होते हैं तो उन्हें सूची से बाहर कर कार्ड को निरस्त कर दिया जाएगा।

छुपा रखी है बीपीएल सूची

जिले में बीपीएल कार्डधारियों की सूची प्रशासन ने बेहद गोपनीय रखी हुई है। 2021 तक बीपीएल कार्ड धारकों की पूरी सूची प्रशासनिक पोर्टल पर आमजन के लिए अपडेट रहती थी, जिससे लोग यहां स्थिति देख लें। फर्जी बीपीएल कार्डधारियों की डिटेल इससे सामने आने लगी तो प्रशासन ने इसके सार्वजनिक तौर पर पोर्टल पर रखना बंद कर दिया। अब कार्ड के लिए आवेदन करने वाले अपने आधार या आवेदन नंबर से ऑनलाइन पोर्टल से डिटेल जांच सकता है।

आबादी का 60 फीसदी कैसे बीपीएल ?

6.22 घर अभी हैं, जबकि 3.78 लाख लोगों के पास बीपीएल कार्ड पाया गया है। ऐसे में सवाल है कि आबादी का 60 फीसदी कैसे बीपीएल हो सकता है। इसलिए ही जांच और पड़ताल हो तो कई बड़े नाम गड़बड़ मिल सकते हैं। इसी आधार पर अब बीपीएल फर्जी कार्डधारियों के नाम हटाने की प्रक्रिया की जा रही है। 1.50 लाख नाम हटने पर 1.86 लाख कार्डधारी ही बचेंगे।

इस तरह लाभ

बीपीएल कार्डधारी सरकार की स्वास्थ्य योजना से लेकर हाउसिंग योजना, पेंशन, बीमार के साथ ही खाद्यान्न और अन्य सुविधाएं आसानी से ले सकते हैं। इसलिए ही कार्ड बनवाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसमें बाकायदा कमीशन एजेंट काम करते हैं। जांच हो तो सच सामने आ जाएगा।

जनगणना के तहत कई जानकारियां सामने आएगी। इसमें घर, उसकी स्थिति, परिवार, कमाई सब पता चलेगा। इसका उपयोग योजना बनाने और फर्जी लाभार्थियों को हटाने में होगा। प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *