औरंगाबाद जिले के ओबरा थाना क्षेत्र के ठाकुर मोहल्ला में शुक्रवार की शाम पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। देखते ही देखते मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और दोनों ओर से लाठी-डंडे, लोहे के रॉड तथा तलवार चलने लगे। इस घटना में एक वृद्ध की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान ठाकुर मोहल्ला निवासी अलीमुद्दीन सिद्दीकी के 60 वर्षीय पुत्र शहाबुद्दीन के रूप में की गई है। वहीं घायलों में मृतक का पुत्र अमजद हुसैन, बहनोई मोहम्मद शहनवाज, बहन रोजी सोनी, जमीला खातून, मोहम्मद साबिर समेत कई अन्य लोग शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए ओबरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने शहाबुद्दीन और जमीला खातून की हालत गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने शहाबुद्दीन को मृत घोषित कर दिया। समझौते के लिए बुलाया गया था, बातचीत के दौरान गहराया विवाद घटना में घायल अमजद हुसैन ने बताया कि बच्चों के बीच खेल-खेल में हुए विवाद के बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने समझौते के लिए उनके परिवार को बुलाया था। आरोप है कि बातचीत के दौरान अचानक दूसरे पक्ष के लोग उग्र हो गए और लाठी-डंडे से हमला शुरू कर दिया। अमजद के अनुसार देखते ही देखते धारदार हथियार और लोहे के रॉड से मारपीट होने लगी, जिसमें उसके पिता की मौत हो गई, जबकि परिवार की कई महिलाएं और रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं दूसरे पक्ष से मोहम्मद मेहराब अली, उनकी पत्नी अफसाना परवीन, मोहम्मद इमरान, उनकी पत्नी, मोहम्मद ताहिर, मोहम्मद तनवीर अली तथा अरमान भी घायल हुए हैं। सभी को पहले ओबरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर किया गया। सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने मोहम्मद तनवीर और इमरान की हालत गंभीर देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए वाराणसी लेकर चले गए। घायल मेहराब अली ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजाना आने-जाने के दौरान गाली-गलौज होती थी, जिससे विवाद लगातार बढ़ता जा रहा था। शुक्रवार को भी कहासुनी के बाद स्थिति बिगड़ गई और हिंसक झड़प शुरू हो गई। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस, घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही ओबरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुट गई। पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया। ओबरा थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी पक्ष की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। औरंगाबाद जिले के ओबरा थाना क्षेत्र के ठाकुर मोहल्ला में शुक्रवार की शाम पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। देखते ही देखते मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और दोनों ओर से लाठी-डंडे, लोहे के रॉड तथा तलवार चलने लगे। इस घटना में एक वृद्ध की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान ठाकुर मोहल्ला निवासी अलीमुद्दीन सिद्दीकी के 60 वर्षीय पुत्र शहाबुद्दीन के रूप में की गई है। वहीं घायलों में मृतक का पुत्र अमजद हुसैन, बहनोई मोहम्मद शहनवाज, बहन रोजी सोनी, जमीला खातून, मोहम्मद साबिर समेत कई अन्य लोग शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए ओबरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने शहाबुद्दीन और जमीला खातून की हालत गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने शहाबुद्दीन को मृत घोषित कर दिया। समझौते के लिए बुलाया गया था, बातचीत के दौरान गहराया विवाद घटना में घायल अमजद हुसैन ने बताया कि बच्चों के बीच खेल-खेल में हुए विवाद के बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने समझौते के लिए उनके परिवार को बुलाया था। आरोप है कि बातचीत के दौरान अचानक दूसरे पक्ष के लोग उग्र हो गए और लाठी-डंडे से हमला शुरू कर दिया। अमजद के अनुसार देखते ही देखते धारदार हथियार और लोहे के रॉड से मारपीट होने लगी, जिसमें उसके पिता की मौत हो गई, जबकि परिवार की कई महिलाएं और रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं दूसरे पक्ष से मोहम्मद मेहराब अली, उनकी पत्नी अफसाना परवीन, मोहम्मद इमरान, उनकी पत्नी, मोहम्मद ताहिर, मोहम्मद तनवीर अली तथा अरमान भी घायल हुए हैं। सभी को पहले ओबरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर किया गया। सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने मोहम्मद तनवीर और इमरान की हालत गंभीर देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए वाराणसी लेकर चले गए। घायल मेहराब अली ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजाना आने-जाने के दौरान गाली-गलौज होती थी, जिससे विवाद लगातार बढ़ता जा रहा था। शुक्रवार को भी कहासुनी के बाद स्थिति बिगड़ गई और हिंसक झड़प शुरू हो गई। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस, घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही ओबरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुट गई। पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया। ओबरा थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी पक्ष की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


