2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों ने अपने-अपने सामाजिक समीकरण साधने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में भाजपा लखनऊ महानगर द्वारा उत्तर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित “अंबेडकर सम्मान अभियान संगोष्ठी” को महज एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि दलित और वंचित वर्गों तक पहुंच बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। जानकीपुरम स्थित लोटस पोर्टिको कॉलोनी गेस्ट हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में नोएडा विधायक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज सिंह, लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनन्द द्विवेदी और विधायक डॉ नीरज बोरा समेत कई नेताओं की मौजूदगी ने इसे राजनीतिक रूप से अहम बना दिया। अंबेडकर के जरिए सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश कार्यक्रम की शुरुआत डॉ भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ हुई। इसके बाद भाजपा नेताओं ने अंबेडकर के विचारों को केंद्र में रखकर सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा 2027 चुनाव से पहले दलित वोट बैंक को और मजबूत करने के लिए “अंबेडकर नैरेटिव” को लगातार आगे बढ़ा रही है। सम्मान कार्यक्रम या चुनावी मैसेज? कार्यक्रम में हनुमान गौतम, रमेश चंद्रा, तेजपाल रावत, नरेश रावत, सतीश बहेलिया और मुन्ना रावत को सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह स्थानीय स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत करने और जमीनी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इस तरह के आयोजनों के जरिए भाजपा न सिर्फ संगठन को मजबूत कर रही है, बल्कि बूथ स्तर तक सामाजिक प्रतिनिधित्व का संदेश भी दे रही है। भाजपा नेताओं के बयान में दिखा चुनावी टोन पंकज सिंह ने कहा कि अंबेडकर का संविधान देश को मजबूत लोकतांत्रिक ढांचा देता है और शिक्षा ही समाज को सशक्त बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है। वहीं आनन्द द्विवेदी ने भाजपा सरकार द्वारा अंबेडकर से जुड़े “पंचतीर्थ” के विकास और भारत रत्न दिए जाने का उल्लेख करते हुए इसे भाजपा की प्रतिबद्धता बताया। डॉ नीरज बोरा ने अपने बयान में कांग्रेस पर अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए कहा कि पहले कुछ ताकतें लोकतंत्र को सीमित करना चाहती थीं, जबकि अंबेडकर ने सभी को वोट का अधिकार दिलाया। 2027 की तैयारी: बूथ से समाज तक फोकस इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता, पदाधिकारी और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी अनुराग साहू के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों तक पार्टी की विचारधारा पहुंचाना है। राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो भाजपा “अंबेडकर सम्मान अभियान” के जरिए उत्तर प्रदेश में दलित, पिछड़ा और महिला वोटर्स को साधने की कोशिश में जुटी है।


