BIS मानकों के उल्लंघन पर Ador Welding समेत कई कंपनियों पर लाखों का जुर्माना

BIS मानकों के उल्लंघन पर Ador Welding समेत कई कंपनियों पर लाखों का जुर्माना

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने सोमवार को बताया कि महाराष्ट्र, केरल और ओडिशा में अदालतों ने अनिवार्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करने के मामले में कई कंपनियों पर जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई घटिया गुणवत्ता वाले उत्पादों के विनिर्माण और गुणवत्ता प्रमाणन में धोखाधड़ी के खिलाफ देशव्यापी अभियान के तहत की गई है। अदालतों ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) अधिनियम, 2016 के तहत अनिवार्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करने के मामले में कई कंपनियों पर जुर्माना लगाया है।

भारत की राष्ट्रीय मानक संस्था बीआईएस ने विनिर्माताओं, आयातकों और खुदरा विक्रेताओं से गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (क्यूसीओ), अनिवार्य आईएसआई चिह्न संबंधी आवश्यकताओं तथा सोने की हॉलमार्किंग के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया। उसने साथ ही आगाह किया कि बीआईएस अधिनियम, 2016 के तहत नियमों का पालन नहीं करना दंडनीय अपराध है। इसके लिए भारी जुर्माना, सामान जब्त किया जाना और कारावास का प्रावधान है।

बयान में कहा गया कि अदालतों के ये आदेश बीआईएस की देशव्यापी प्रवर्तन छापेमारी के बाद आए हैं। इन छापेमारी में नियमों का पालन नहीं करने वाले औद्योगिक उत्पादों, बिना हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों और नकली पैकेटबंद पेयजल को निशाना बनाया गया। हाल ही में बड़े वित्तीय जुर्मानों में से एक के तहत महाराष्ट्र के भिवंडी की प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने आयातक कंपनी एडोर वेल्डिंग लिमिटेड और उसके 16 निदेशकों एवं अधिकारियों पर अनिवार्य बीआईएस मानकों का उल्लंघन करने के लिए कुल 34 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

केरल के त्रिशूर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने 15 अक्टूबर, 2026 को डीईएमएसी ब्रांड नाम से निर्मित खोखले संरचनात्मक इस्पात खंडों की 162 मीट्रिक टन खेप को जब्त करने का आदेश दिया। अदालत ने वैध लाइसेंस के बिना बीआईएस मानक चिह्न (आईएस 4923) प्रदर्शित करने के लिए न्यू मलयालम स्टील प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़े दो व्यक्तियों पर भी दो-दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इस तरह कुल जुर्माना छह लाख रुपये हुआ।

नकली आईएसआई चिह्न तथा बिना हॉलमार्क वाले सोने के संबंध में बीआईएस ने बयान में कहा कि इस अभियान के दायरे में उपभोक्ता वस्तुएं भी शामिल थीं। भिवंडी में श्री समर्थ वाटर सप्लायर्स के मालिक नीलेश जयराम पाटिल को पैकेटबंद पेयजल की थैलियों पर अनधिकृत आईएसआई चिह्न छापने का दोष स्वीकार करने के बाद दोषी ठहराया गया और दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, ओडिशा के भुवनेश्वर में हिंदुस्तान ज्वेलर्स ने अदालत के आदेश पर तीन लाख रुपये का जुर्माना जमा कराया।

यह कार्रवाई बिना हॉलमार्क वाले 138.80 ग्राम सोने के आभूषण जब्त किए जाने के बाद हुई। जब्त आभूषणों में बालियां, चेन, हार, पेंडेंट, कंगन और चूड़ियां शामिल थीं।

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