Bihar Flood Pappu Yadav: बिहार में बाढ़ को लेकर तेजस्वी यादव के सरकार पर हमले के बीच निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने उन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार पर सवाल उठाने से क्या फायदा? आपके माता-पिता भी मुख्यमंत्री रह चुके हैं। बिहार की बाढ़ सिर्फ प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि नेताओं की बनाई हुई समस्या है।
Bihar Politics: बिहार में बाढ़ को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव के सरकार पर हमले के बीच निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने उन पर ही सवाल खड़े कर दिए। पप्पू यादव ने कहा कि बिहार की बाढ़ को लेकर सिर्फ राजनीति के लिए मौजूदा सरकार को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आपके माता-पिता भी मुख्यमंत्री रहे हैं और आप खुद उपमुख्यमंत्री रहे हैं। तब आपने क्यों कुछ नहीं किया? पप्पू यादव ने कहा कि सभी सरकारों ने मिलकर नदियों को नुकसान पहुंचाया और गांवों में गाद जमा होने की समस्या बढ़ती गई। राज्य में पहले भी कई सरकारें रही हैं और सभी ने मिलकर नदियों और गांवों की स्थिति बिगाड़ी है।
‘ये नेताओं की बनाई हुई आपदा है’
पप्पू यादव ने बिहार की बाढ़ को सिर्फ प्राकृतिक आपदा मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह आपदा प्राकृतिक नहीं, बल्कि ये नेताओं की पैदा की गई आपदाएं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि फरक्का का मुद्दा आज तक क्यों नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि बाढ़ की समस्या पर लंबे समय से गंभीर चर्चा की जरूरत है।
तेजस्वी ने सरकार पर क्या आरोप लगाया?
इससे पहले तेजस्वी यादव ने बिहार की बाढ़ को लेकर BJP के नेतृत्व वाली NDA सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि 45 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और लोगों की जान जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हुए ‘दीया-बाती’ कार्यक्रम में करोड़ो रुपये खर्च कर दिए, लेकिन बिहार की बाढ़ की तरफ ध्यान नहीं दिया। तेजस्वी ने कम बारिश की वजह से सूखे जैसे हालत बनने की स्थिति पर भी केंद्र सरकार से सवाल किया था। उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बिहार दौरे पर भी सवाल उठाया और कहा कि उन्हें बाढ़ प्रभावित इलाकों के साथ सूखा प्रभावित क्षेत्रों का भी जायजा लेना चाहिए था।
‘जब दीये जला रहे थे, तब टिकट बांट रहे थे’
पप्पू यादव ने तेजस्वी के इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री दीये जला रहे थे, तब विपक्षी नेता करोड़पतियों, अरबपतियों और माफिया को टिकट बांटने की घोषणा कर रहे थे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि उस समय मूर्तियां लगाने का क्या मतलब था। इस समय बिहार में गंगा और दूसरी नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई जिले प्रभावित हैं। 20 सितंबर तक राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के हवाले से करीब 40.72 लाख लोगों के प्रभावित होने की जानकारी दी गई थी।

