तेलंगाना के सिकंदराबाद जोन की महाकाली पुलिस ने अंतरराज्यीय ठगों के एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो चांदी के व्यापार में शुद्धता के नाम पर करोड़ों की हेराफेरी कर रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के मुखिया सहित चार मुख्य सदस्यों को उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह इतना शातिर था कि पहले व्यापारियों का भरोसा जीतता और फिर नकली रिपोर्ट के सहारे ‘मिट्टी’ के बराबर की चांदी थमाकर असली चांदी लेकर रफूचक्कर हो जाता था।
पुराने ग्राहक के भरोसे की आड़ में लगाई 15 लाख की चपत
धोखाधड़ी की यह कहानी सिकंदराबाद की महाकाली स्ट्रीट पर स्थित श्री जगदंबा इंडस्ट्रीज से शुरू हुई। रिफाइनरी संचालक हीरालाल वर्मा के पास 20 मार्च 2026 को उनका एक पुराना ग्राहक राजेश अपने एक साथी के साथ पहुंचा। वे अपने साथ तीन कच्ची चांदी के सिल्ले लाए थे और साथ में हैदराबाद की एक प्रतिष्ठित रिफाइनरी की शुद्धता रिपोर्ट भी दिखाई। पुराने व्यापारिक रिश्तों के चलते हीरालाल ने बिना जांच किए उन पर भरोसा कर लिया। उन्होंने आरोपियों को 60 प्रतिशत शुद्धता के बदले करीब 6,350 ग्राम वजन के 25 छोटे चांदी के सिल्ले दे दिए। बाद में जांच कराने पर पता चला कि आरोपियों द्वारा दिए गए सिल्लों में चांदी की मात्रा ‘शून्य’ थी। हीरालाल को करीब 15 लाख रुपये का सीधा नुकसान हुआ।
तीसरी बार में करते थे बड़ा शिकार
पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई आम चोरी नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह की सोची-समझी साजिश थी। गिरोह का तरीका बेहद चालाक था। वे पहले किसी नए व्यापारी से संपर्क करते और शुरुआत की दो बार की डीलिंग में असली चांदी देकर उनका अटूट भरोसा जीत लेते थे। जब व्यापारी को यकीन हो जाता कि ग्राहक ईमानदार है, तब वे तीसरी बार में भारी मात्रा में नकली चांदी और फर्जी लैब रिपोर्ट थमाकर असली माल लेकर फरार हो जाते। इस गिरोह ने ओडिशा, दिल्ली, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी कई व्यापारियों को इसी तरह अपना शिकार बनाया है।
यूपी और एमपी में पुलिस की छापेमारी
एक के बाद एक ठगी के तीन मामले सामने आने के बाद महाकाली पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस की मदद से जाल बिछाया। पुलिस ने 20 अप्रैल को गिरोह के मास्टरमाइंड हृदेश कुमार को आगरा (यूपी) से गिरफ्तार किया। इसके बाद एक-एक कर सुशील कुमार वर्मा, प्रिंस उर्फ लड्डू सोनी और राजीव जैन को भी आगरा और इटावा से दबोच लिया गया। गिरोह का एक और सदस्य सोनू कुशवाहा मध्य प्रदेश से पकड़ा गया। आरोपियों के पास से 8 किलो 400 ग्राम चांदी, 1.5 लाख रुपये नकद और कई मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। मुख्य आरोपी हृदेश कुमार का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस टीम अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है जो फिलहाल फरार हैं।


