बाघ-तेंदुओं से घिरा भोपाल, 10 दिन में 5 गाय-भैंसों के शिकार से दहशत में आए लोग

बाघ-तेंदुओं से घिरा भोपाल, 10 दिन में 5 गाय-भैंसों के शिकार से दहशत में आए लोग

Bhopal- मध्यप्रदेश की राजधानी जंगली जानवरों से घिरी है। भोपाल के बाहरी इलाकों में बाघ-तेंदुए जब तब आते जाते रहते हैं। राजधानी से सटे गांवों में एक बार फिर जंगली जानवर की दहशत पसरी है। भोपाल के आसपास के आधा दर्जन से ज्यादा गांवों में यह जानवर कई मवेशियों का शिकार कर चुका है। इसके कारण लोग भी डर गए हैं। जानवर के खौफ से लोग कई किमी का फेर लगाकर आना जाना कर रहे हैं। कोई इसे बाघ बता रहा है तो कोई तेंदुआ। हैरानी की बात तो यह है कि वन विभाग के अधिकारी भी इस जानवर की पहचान नहीं कर पा रहे हैं।

राजधानी भोपाल के बाहरी इलाके में हलाली नदी के किनारे के गांवों में जंगली जानवर की दहशत पसरी है। यहां के 7 गांवों में यह जानवर घूम रहा है। वह बाघ है या तेंदुआ, वन विभाग तय नहीं कर पा रहा। जानवर ने 10 दिन में इन गांवों में 5-5 गाय-भैंसों का शिकार कर लिया, लेकिन वन विभाग ने एक भी मुआवजा प्रकरण नहीं बनाया। इससे भी ग्रामीण आक्रोशित हैं।

शायद पानी और भोजन की तलाश में ही यह जानवर भटककर ग्रामीण क्षेत्र में आया

वन विभाग का कहना है, जानवर रात में निकलता है। वन अधिकारियों के अनुसार तेज गर्मियों में कई बार जंगल में पानी के स्रोत सूख जाते हैं। शायद पानी और भोजन की तलाश में ही यह जानवर भटककर ग्रामीण क्षेत्र में आ गया है।

भोपाल एफओ लोकप्रिय भारती का कहना है, बैरसिया इलाके में जंगली जानवर के मूवमेंट की जानकारी है। पग मार्ग और दूसरे निशान तलाशे जा रहे हैं। इसके बाद जानवर की पहचान होगी। उधर, जानवर की दहशत में सातों गांवों के ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं, ताकि कोई जनहानि नहीं हो।

कनेरा व उससे जुड़े करोंदखुर्द, कड़ैया, छापर, अगरिया, मुगालिया कोट, चांचड़ गांव में मूवमेंट

ग्रामीण और वन अधिकारी बताते हैं कि कनेरा गांव व उससे जुड़े करोंदखुर्द, कड़ैया, छापर, अगरिया, मुगालिया कोट, चांचड़ में जंगली जानवर का मूवमेंट है। वन विभाग इसे पकड़ने या घने जंगल में खदेड़ने की कोशिश में जुटा है।

डरे ग्रामीण 5 किमी घूम कर आवाजाही कर रहे, किसानों ने रात में खेतों में जाना बंद कर दिया

जंगली जानवर का पूरे इलाके में आतंक पसरा है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट ने बताया, नदी किनारे बाघ जैसे जानवर का मूवमेंट दिख रहा है। 10 दिन पहले कनेरा में सबसे पहले दिखा। शुक्रवार रात एक और गाय का शिकार किेया। डरे किसानों ने रात में खेतों में जाना बंद कर दिया। लोग 5- 6 किमी घूमकर जा रहे हैं।

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