बांका पंचायत चुनाव, 2417 वार्डों का फॉर्म-1 आयोग को भेजा:आरक्षण रोस्टर में बदलाव की संभावना, अब 182 ग्राम पंचायतें ही बची

बांका पंचायत चुनाव, 2417 वार्डों का फॉर्म-1 आयोग को भेजा:आरक्षण रोस्टर में बदलाव की संभावना, अब 182 ग्राम पंचायतें ही बची

बांका में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई हैं। इस बार पंचायत प्रतिनिधियों के चुनाव में आरक्षण रोस्टर में बदलाव की संभावना है। इसी क्रम में वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर तैयार प्रपत्र-1 का प्रारूप राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा तैयार इस प्रारूप में जिले के सभी 11 प्रखंडों के कुल 2417 वार्ड क्षेत्रों को शामिल किया गया है। आरक्षण निर्धारण केवल ग्रामीण पंचायत क्षेत्रों में लागू इसी आधार पर आगामी पंचायत चुनाव में जिले की 182 ग्राम पंचायतों के लिए आरक्षण रोस्टर तय किया जाएगा। नगर निकाय और नगर पंचायत क्षेत्रों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है, इसलिए आरक्षण निर्धारण केवल ग्रामीण पंचायत क्षेत्रों में ही लागू होगा। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2015 में भी इसी प्रकार का प्रारूप प्रकाशित किया गया था। हालांकि, इस बार पंचायतों की संख्या में बदलाव हुआ है। जिले की तीन पंचायतों को नगर पंचायत बौसी और कटोरिया में शामिल कर लिया गया है, जिसके बाद अब जिले में कुल 182 ग्राम पंचायतें ही बची हैं। तीन दिनों के भीतर आंकड़ों का प्रकाशन किया जाएगा प्रपत्र-1 के प्रारूप में प्रत्येक वार्ड क्षेत्र की भौगोलिक सीमा स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई है। इसमें संबंधित वार्ड की आबादी का विस्तृत वर्गीकरण भी शामिल है, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य वर्गों की जनसंख्या का अलग-अलग विवरण दिया गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अगले तीन दिनों के भीतर प्रपत्र-1 से संबंधित आंकड़ों का गजट प्रकाशन जिला मुख्यालय में किया जाएगा। सरपंच, पंच, और जिला परिषद सदस्य के पद शामिल गजट प्रकाशन के बाद राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश के अनुसार विशेष फॉर्मूले के आधार पर विभिन्न पदों के लिए आरक्षण रोस्टर तय किया जाएगा। इसमें मुखिया, सरपंच, पंच, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के पद शामिल हैं। पंचायत राज पदाधिकारी रवि प्रकाश गौतम ने बताया कि वर्ष 2011 की जनसंख्या के अनुरूप प्रपत्र-1 का प्रारूप तैयार कर जिलाधिकारी की अनुमति से राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दिया गया है। अगले तीन दिनों में गजट प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद आयोग के निर्देशानुसार पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण रोस्टर निर्धारित किया जाएगा। बांका में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई हैं। इस बार पंचायत प्रतिनिधियों के चुनाव में आरक्षण रोस्टर में बदलाव की संभावना है। इसी क्रम में वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर तैयार प्रपत्र-1 का प्रारूप राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा तैयार इस प्रारूप में जिले के सभी 11 प्रखंडों के कुल 2417 वार्ड क्षेत्रों को शामिल किया गया है। आरक्षण निर्धारण केवल ग्रामीण पंचायत क्षेत्रों में लागू इसी आधार पर आगामी पंचायत चुनाव में जिले की 182 ग्राम पंचायतों के लिए आरक्षण रोस्टर तय किया जाएगा। नगर निकाय और नगर पंचायत क्षेत्रों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है, इसलिए आरक्षण निर्धारण केवल ग्रामीण पंचायत क्षेत्रों में ही लागू होगा। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2015 में भी इसी प्रकार का प्रारूप प्रकाशित किया गया था। हालांकि, इस बार पंचायतों की संख्या में बदलाव हुआ है। जिले की तीन पंचायतों को नगर पंचायत बौसी और कटोरिया में शामिल कर लिया गया है, जिसके बाद अब जिले में कुल 182 ग्राम पंचायतें ही बची हैं। तीन दिनों के भीतर आंकड़ों का प्रकाशन किया जाएगा प्रपत्र-1 के प्रारूप में प्रत्येक वार्ड क्षेत्र की भौगोलिक सीमा स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई है। इसमें संबंधित वार्ड की आबादी का विस्तृत वर्गीकरण भी शामिल है, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य वर्गों की जनसंख्या का अलग-अलग विवरण दिया गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अगले तीन दिनों के भीतर प्रपत्र-1 से संबंधित आंकड़ों का गजट प्रकाशन जिला मुख्यालय में किया जाएगा। सरपंच, पंच, और जिला परिषद सदस्य के पद शामिल गजट प्रकाशन के बाद राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश के अनुसार विशेष फॉर्मूले के आधार पर विभिन्न पदों के लिए आरक्षण रोस्टर तय किया जाएगा। इसमें मुखिया, सरपंच, पंच, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के पद शामिल हैं। पंचायत राज पदाधिकारी रवि प्रकाश गौतम ने बताया कि वर्ष 2011 की जनसंख्या के अनुरूप प्रपत्र-1 का प्रारूप तैयार कर जिलाधिकारी की अनुमति से राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दिया गया है। अगले तीन दिनों में गजट प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद आयोग के निर्देशानुसार पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण रोस्टर निर्धारित किया जाएगा।  

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