गोपालगंज में JDU विधायक, CA की गिरफ्तारी पर रोक बरकरार:जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 19 मई को, भाई को राहत नहीं

गोपालगंज में JDU विधायक, CA की गिरफ्तारी पर रोक बरकरार:जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 19 मई को, भाई को राहत नहीं

गोपालगंज के कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र से जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय और उनके सीए राहुल तिवारी की अग्रिम जमानत याचिका पर एडीजे तीन की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों की गिरफ्तारी पर लगी रोक को बरकरार रखा है। मामले की अगली सुनवाई 19 मई को होगी। यह मामला सेमराव गांव निवासी जितेंद्र कुमार राय की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और अन्य पर मुजफ्फरपुर की किरण सिन्हा की 16 एकड़ 93 डिसमिल जमीन पर कब्जा करने और साजिश रचने का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में विधायक, उनके भाई सतीश पांडेय और सीए राहुल तिवारी सहित कुल 7 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है। इस सुनवाई में कोई राहत नहीं मिली सुनवाई के दौरान व्यवहार न्यायालय में घंटों तीखी बहस चली। बचाव पक्ष के वकीलों ने विधायक और सीए की गिरफ्तारी पर रोक तथा अग्रिम जमानत के पक्ष में दलीलें दीं, जबकि अभियोजन पक्ष ने इसका पुरजोर विरोध किया और साजिश के आरोप समेत कई तर्क पेश किए। कोर्ट ने फिलहाल विधायक और उनके सीए की गिरफ्तारी पर रोक जारी रखी है। हालांकि, विधायक के भाई सतीश पांडेय को इस सुनवाई में कोई राहत नहीं मिली है। उनके खिलाफ कोर्ट की ओर से इश्तेहार भी जारी हो चुका है। विधायक की ओर से बार काउंसिल ऑफ इंडिया और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सह भाजपा राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्र, सिविल कोर्ट अधिवक्ता उदय कुमार और शेख असगर ने पैरवी की। सीए राहुल तिवारी की ओर से पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता नरेश दीक्षित और सिविल कोर्ट अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक ने दलीलें पेश कीं। अभियोजन पक्ष से जिला लोक अभियोजक देववंश गिरी उर्फ भानु गिरी तथा अधिवक्ता राजकमल और अभिषेक राय ने बहस की। अग्रिम जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, अदालत ने विधायक पप्पू पांडेय और उनके सीए राहुल तिवारी की अग्रिम जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। करीब साढ़े तीन घंटे तक लंबी बहस।चलने के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 19 मई की तिथि निर्धारित की है। राहत की बात यह रही कि अदालत ने अगली सुनवाई तक दोनों की गिरफ्तारी पर रोक बरकरार रखी है, जिससे फिलहाल विधायक को पुलिसिया कार्रवाई से सुरक्षा मिली हुई है। एक तरफ जहां विधायक को अंतरिम राहत मिली है, वहीं उनके भाई और सतीश पांडेय की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कोर्ट ने उनकी जमानत पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं दिया है। बता दें कि सतीश पांडेय के खिलाफ कोर्ट पहले ही इश्तेहार जारी कर चुका है, जो यह संकेत देता है कि कानून का शिकंजा उन पर कसता जा रहा है। कोर्ट में आज लंबी सुनवाई हुई – सुप्रीम कोर्ट के वकील मनन कुमार मिश्रा सीए राहुल तिवारी के अधिवक्ता आरिश दीक्षित ने आज हम लोग राहुल तिवारी के तरफ से एपीयर हुए जो सीए है। सुनाई के दौरान यह बताया गया कि पूरे इन्वेस्टिगेशन में केस डायरी में भी कोई ऐसा तथ्य नहीं आया है, जो यह साबित करता हो कि राहुल तिवारी इस घटना में संलिप्त थे। कोई भी ऐसा मेटेरियल नहीं आया है। कोर्ट ने सुना डिटेल्स से हियरिंग हुई और इस फैसले के लिए 19 तारीख को डेट रखा गया। वही बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन व सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा ने बताया कि कोर्ट में आज लंबी सुनवाई हुई। पुलिस के एक्शन के हिसाब से पुलिस जिस ढंग सेइस केश में जिन्हें आरोपी बनाया गया उनके खिलाफ ज्यादती कर रही है तीन घंटे तक इस छोटे से केस में सतीश पांडेय और उनके भाई विधायक अमरेंद्र पांडेय के पिता जी के नाम से जमीन है 1978 में रजिस्ट्री हुआ उसपर भी केस कर दिया गया उनके लोगों को जेल में रखा गया है और मनगढ़ंत बाते बनाई जा रही है। सबकी नजरें 19 मई की सुनवाई पर टिकी फिलहाल, सबकी नजरें 19 मई की सुनवाई पर टिकी हैं, जो इस राजनीतिक और कानूनी लड़ाई की अगली दिशा तय करेगी। पप्पू पांडेय गोपालगंज की राजनीति के कद्दावर चेहरा माने जाते हैं। जमीन विवाद के इस हाई-प्रोफाइल मामले ने जिले के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। 16 एकड़ जमीन के इस ‘फर्जीवाड़े’ में विधायक के साथ उनके करीबियों का नाम आने से विपक्ष को भी मुद्दा मिल गया है। अब सबकी नजरें 19 मई पर टिकी हैं, जब कोर्ट यह तय करेगा कि विधायक और अन्य आरोपियों को अग्रिम जमानत दी जाए या उनके खिलाफ कानूनी शिकंजा और कड़ा किया जाए। फिलहाल, गिरफ्तारी पर रोक ने विधायक समर्थकों को कुछ समय के लिए राहत जरूर दी है। गोपालगंज के कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र से जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय और उनके सीए राहुल तिवारी की अग्रिम जमानत याचिका पर एडीजे तीन की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों की गिरफ्तारी पर लगी रोक को बरकरार रखा है। मामले की अगली सुनवाई 19 मई को होगी। यह मामला सेमराव गांव निवासी जितेंद्र कुमार राय की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और अन्य पर मुजफ्फरपुर की किरण सिन्हा की 16 एकड़ 93 डिसमिल जमीन पर कब्जा करने और साजिश रचने का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में विधायक, उनके भाई सतीश पांडेय और सीए राहुल तिवारी सहित कुल 7 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है। इस सुनवाई में कोई राहत नहीं मिली सुनवाई के दौरान व्यवहार न्यायालय में घंटों तीखी बहस चली। बचाव पक्ष के वकीलों ने विधायक और सीए की गिरफ्तारी पर रोक तथा अग्रिम जमानत के पक्ष में दलीलें दीं, जबकि अभियोजन पक्ष ने इसका पुरजोर विरोध किया और साजिश के आरोप समेत कई तर्क पेश किए। कोर्ट ने फिलहाल विधायक और उनके सीए की गिरफ्तारी पर रोक जारी रखी है। हालांकि, विधायक के भाई सतीश पांडेय को इस सुनवाई में कोई राहत नहीं मिली है। उनके खिलाफ कोर्ट की ओर से इश्तेहार भी जारी हो चुका है। विधायक की ओर से बार काउंसिल ऑफ इंडिया और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सह भाजपा राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्र, सिविल कोर्ट अधिवक्ता उदय कुमार और शेख असगर ने पैरवी की। सीए राहुल तिवारी की ओर से पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता नरेश दीक्षित और सिविल कोर्ट अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक ने दलीलें पेश कीं। अभियोजन पक्ष से जिला लोक अभियोजक देववंश गिरी उर्फ भानु गिरी तथा अधिवक्ता राजकमल और अभिषेक राय ने बहस की। अग्रिम जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, अदालत ने विधायक पप्पू पांडेय और उनके सीए राहुल तिवारी की अग्रिम जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। करीब साढ़े तीन घंटे तक लंबी बहस।चलने के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 19 मई की तिथि निर्धारित की है। राहत की बात यह रही कि अदालत ने अगली सुनवाई तक दोनों की गिरफ्तारी पर रोक बरकरार रखी है, जिससे फिलहाल विधायक को पुलिसिया कार्रवाई से सुरक्षा मिली हुई है। एक तरफ जहां विधायक को अंतरिम राहत मिली है, वहीं उनके भाई और सतीश पांडेय की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कोर्ट ने उनकी जमानत पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं दिया है। बता दें कि सतीश पांडेय के खिलाफ कोर्ट पहले ही इश्तेहार जारी कर चुका है, जो यह संकेत देता है कि कानून का शिकंजा उन पर कसता जा रहा है। कोर्ट में आज लंबी सुनवाई हुई – सुप्रीम कोर्ट के वकील मनन कुमार मिश्रा सीए राहुल तिवारी के अधिवक्ता आरिश दीक्षित ने आज हम लोग राहुल तिवारी के तरफ से एपीयर हुए जो सीए है। सुनाई के दौरान यह बताया गया कि पूरे इन्वेस्टिगेशन में केस डायरी में भी कोई ऐसा तथ्य नहीं आया है, जो यह साबित करता हो कि राहुल तिवारी इस घटना में संलिप्त थे। कोई भी ऐसा मेटेरियल नहीं आया है। कोर्ट ने सुना डिटेल्स से हियरिंग हुई और इस फैसले के लिए 19 तारीख को डेट रखा गया। वही बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन व सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा ने बताया कि कोर्ट में आज लंबी सुनवाई हुई। पुलिस के एक्शन के हिसाब से पुलिस जिस ढंग सेइस केश में जिन्हें आरोपी बनाया गया उनके खिलाफ ज्यादती कर रही है तीन घंटे तक इस छोटे से केस में सतीश पांडेय और उनके भाई विधायक अमरेंद्र पांडेय के पिता जी के नाम से जमीन है 1978 में रजिस्ट्री हुआ उसपर भी केस कर दिया गया उनके लोगों को जेल में रखा गया है और मनगढ़ंत बाते बनाई जा रही है। सबकी नजरें 19 मई की सुनवाई पर टिकी फिलहाल, सबकी नजरें 19 मई की सुनवाई पर टिकी हैं, जो इस राजनीतिक और कानूनी लड़ाई की अगली दिशा तय करेगी। पप्पू पांडेय गोपालगंज की राजनीति के कद्दावर चेहरा माने जाते हैं। जमीन विवाद के इस हाई-प्रोफाइल मामले ने जिले के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। 16 एकड़ जमीन के इस ‘फर्जीवाड़े’ में विधायक के साथ उनके करीबियों का नाम आने से विपक्ष को भी मुद्दा मिल गया है। अब सबकी नजरें 19 मई पर टिकी हैं, जब कोर्ट यह तय करेगा कि विधायक और अन्य आरोपियों को अग्रिम जमानत दी जाए या उनके खिलाफ कानूनी शिकंजा और कड़ा किया जाए। फिलहाल, गिरफ्तारी पर रोक ने विधायक समर्थकों को कुछ समय के लिए राहत जरूर दी है।  

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