कथा को कथा की तरह सुनें, राम के चरित्र को जीवन में उतारें
कथा को केवल धार्मिक आयोजन के रूप में नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले माध्यम के रूप में सुनना चाहिए। हृदय में प्रेम और मन में सकारात्मक दृष्टि हो तो भगवान श्रीराम के चरित्र और उनके आदर्शों को समझना आसान होता है। अयोध्या (उत्तरप्रदेश) से पधारीं कथावाचिका सुभद्रा कृष्णा ने यह बात कही।…

