1970 में भी ग्लेशियर ने मचाई थी भयंकर तबाही, पेरू में 25 हजार लोगों की चली गई थी जान, 1941 की घटना भी अब चर्चा में
पर्वतों से बर्फ और पत्थरों का अचानक ढहना सिर्फ प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि अब हजारों जिंदगियों को निगल जाने वाली त्रासदी साबित हो चुका है। हाल के दिनों में नेपाल-तिब्बत सीमा पर ग्लेशियर के निचले हिस्से के टूटने से जो तबाही मची, उसने फिर पुरानी घटनाओं की याद दिला दी है। पुलिस का अनुमान है…

