अनुभवी फर्राटा धाविका सिमरन ने एशियाई पैरा खेलों में नये रिकॉर्ड के साथ महिलाओं की 200 मीटर टी12 स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक जीता जबकि हमवतन तेजलबेन दामोर ने कांस्य पदक हासिल किया। सिमरन ने 24 . 80 सेकंड का समय निकाला और ईरान की हजर सफरजादेह को पछाड़ा जिन्होंने 25 . 02 सेकंड का समय लिया। पहली बार इन खेलों में उतरी तेजलबेन ने 25 . 23 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया।टी12 श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिये हैं जो काफी हद तक दृष्टिबाधित होते हैं। पेरिस पैरालम्पिक 2024 में कांस्य जीतने वाली सिमरन ने नये गाइड शिवम के साथ खेला है क्योंकि डोपिंग उल्लंघन के आरोप में उनके पूर्व गाइड उमर सैफी प्रतिबंधित हैं। सिमरन ने हांगझोउ पैरा एशियाई खेल 2023 में रजत पदक जीता था।उन्होंने स्वर्ण जीतने के बाद कहा ,‘‘ एशियाई रिकॉर्ड (24.46 सेकंड) भी मेरे नाम है और मेरा लक्ष्य वहां तक पहुंचना था लेकिन शरीर ने साथ नहीं दिया। मुझे जकड़न लग रही थी क्योंकि रिकवरी अच्छी नहीं थी। अपनी हीट रेस के बाद मैं काफी थक गई थी।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ दिक्कत यह है कि मैं शाकाहारी हूं और यहां ज्यादातर समुद्री भोजन मिल रहा है।शाकाहारी खाने के नाम पर सिर्फ दाल चावल मिलते हैं। यह दिक्कत है जिससे पार पाने की कोशिश कर रही हूं वरना तो हम भारतीय इच्छाशक्तिपर भी दौड़ सकते हैं।’’
अब वह 100 मीटर में उतरेंगी जिसमें पिछले खेलों में रजत पदक जीता था। तेजलबेन 400 मीटर में भाग लेंगी।
अनुभवी फर्राटा धाविका सिमरन ने एशियाई पैरा खेलों में नये रिकॉर्ड के साथ महिलाओं की 200 मीटर टी12 स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक जीता जबकि हमवतन तेजलबेन दामोर ने कांस्य पदक हासिल किया। सिमरन ने 24 . 80 सेकंड का समय निकाला और ईरान की हजर सफरजादेह को पछाड़ा जिन्होंने 25 . 02 सेकंड का समय लिया। पहली बार इन खेलों में उतरी तेजलबेन ने 25 . 23 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया।
टी12 श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिये हैं जो काफी हद तक दृष्टिबाधित होते हैं। पेरिस पैरालम्पिक 2024 में कांस्य जीतने वाली सिमरन ने नये गाइड शिवम के साथ खेला है क्योंकि डोपिंग उल्लंघन के आरोप में उनके पूर्व गाइड उमर सैफी प्रतिबंधित हैं। सिमरन ने हांगझोउ पैरा एशियाई खेल 2023 में रजत पदक जीता था।
उन्होंने स्वर्ण जीतने के बाद कहा ,‘‘ एशियाई रिकॉर्ड (24.46 सेकंड) भी मेरे नाम है और मेरा लक्ष्य वहां तक पहुंचना था लेकिन शरीर ने साथ नहीं दिया। मुझे जकड़न लग रही थी क्योंकि रिकवरी अच्छी नहीं थी। अपनी हीट रेस के बाद मैं काफी थक गई थी।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ दिक्कत यह है कि मैं शाकाहारी हूं और यहां ज्यादातर समुद्री भोजन मिल रहा है।
शाकाहारी खाने के नाम पर सिर्फ दाल चावल मिलते हैं। यह दिक्कत है जिससे पार पाने की कोशिश कर रही हूं वरना तो हम भारतीय इच्छाशक्तिपर भी दौड़ सकते हैं।’’
अब वह 100 मीटर में उतरेंगी जिसमें पिछले खेलों में रजत पदक जीता था। तेजलबेन 400 मीटर में भाग लेंगी।
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