(संस्कृति गौबा)
नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करके इतिहास रचने वाले भारतीय कंपाउंड और रिकर्व तीरंदाजों ने कहा कि उन पर से बहुत बड़ा दबाव हट गया है और वह राहत महसूस कर रहे हैं। भारतीय तीरंदाजों ने एशियाई खेलों में पांच स्वर्ण पदक जीते और दो ओलंपिक कोटा भी हासिल किए। उसने तीरंदाजी में सबसे ताकतवर टीम दक्षिण कोरिया को भी हराया।भारत के कंपाउंड तीरंदाजी कोच डेव कजिन्स ने कहा कि पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदकों की इस उपलब्धि से आलोचकों का मुंह हमेशा के लिए बंद हो जाना चाहिए। रिकर्व तीरंदाजी टीम ने पांच और कंपाउंड तीरंदाजों ने चार पदक हासिल किए। कजिन्स ने भारतीय टीम के स्वदेश लौटने पर कहा, ‘‘आलोचक शुरू से ही हमसे यह अनुमान लगाने को कह रहे थे कि हम कितने पदक जीत सकते हैं।हम केवल इस पर ध्यान दे रहे थे कि हमारे खिलाड़ी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब प्रशिक्षण सही हो, तैयारी सही हो और वातावरण अनुकूल हो, तो ऐसे परिणाम मिलते हैं। इसलिए हम इससे बहुत खुश हैं। ओलंपिक खेलों के लिए कंपाउंड तीरंदाजी में पहला कोटा हासिल करना हमारे लिए बेहद खुशी की बात है।यह हमारे लिए इस समय बहुत बड़ी उपलब्धि है।’’
साहिल जाधव और चिकिता तनिपार्थू ने मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक कोटा हासिल किया। साहिल ने पुरुषों की कंपाउंड टीम स्पर्धा में भी हिस्सा लिया, जिसमें टीम ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि चिकिता ने अनुभवी ज्योति सुरेखा वेन्नम और प्रथिका प्रदीप के साथ मिलकर महिलाओं की कंपाउंड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। जाधव ने कहा, ‘‘बहुत अच्छा लग रहा है और इस भव्य स्वागत को देखकर हमें और भी अधिक खुशी मिली है।हमने विशेष रूप से ऐसी स्थितियों के लिए अभ्यास किया था। हमने अपनी रणनीति पर अच्छी तरह से अमल किया। अब दबाव हट गया है।’’
चिकिता ने कहा, ‘‘यह सुखद अहसास है।इससे हमें प्रेरणा मिलेगी कि हमें और अधिक जीत हासिल करनी है और अधिक मेहनत करनी है।’’
रिकर्व में कुमकुम मोहद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता और महिला टीम वर्ग में स्वर्ण पदक के साथ-साथ मिश्रित वर्ग में रजत पदक हासिल करने में भारत की मदद की। उनके व्यक्तिगत स्वर्ण पदक ने भारत के लिए ओलंपिक कोटा भी सुनिश्चित किया। कुमकुम ने कहा कि यह परिणाम महीनों की तैयारी और टीम वर्क का नतीजा है।उन्होंने कहा, ‘‘जैसा हमने सोचा था, वही हुआ। यह टीम की कड़ी मेहनत, पूरी टीम के उत्साह और भारतीय तीरंदाजी संघ और भारतीय खेल प्राधिकरण के सहयोग का नतीजा था।’’
महिला रिकर्व टीम का हिस्सा रही कीर्ति शर्मा ने फाइनल में 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया पर 5-3 से जीत को भारतीय तीरंदाजी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। कीर्ति ने कहा, ‘‘इस स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण पदक।हमने कोरिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता, इसलिए यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। मुझे बहुत खुशी है कि मैं उस टीम का हिस्सा था जिसने यह इतिहास रचा।
(संस्कृति गौबा)
नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करके इतिहास रचने वाले भारतीय कंपाउंड और रिकर्व तीरंदाजों ने कहा कि उन पर से बहुत बड़ा दबाव हट गया है और वह राहत महसूस कर रहे हैं। भारतीय तीरंदाजों ने एशियाई खेलों में पांच स्वर्ण पदक जीते और दो ओलंपिक कोटा भी हासिल किए। उसने तीरंदाजी में सबसे ताकतवर टीम दक्षिण कोरिया को भी हराया।
भारत के कंपाउंड तीरंदाजी कोच डेव कजिन्स ने कहा कि पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदकों की इस उपलब्धि से आलोचकों का मुंह हमेशा के लिए बंद हो जाना चाहिए। रिकर्व तीरंदाजी टीम ने पांच और कंपाउंड तीरंदाजों ने चार पदक हासिल किए। कजिन्स ने भारतीय टीम के स्वदेश लौटने पर कहा, ‘‘आलोचक शुरू से ही हमसे यह अनुमान लगाने को कह रहे थे कि हम कितने पदक जीत सकते हैं।
हम केवल इस पर ध्यान दे रहे थे कि हमारे खिलाड़ी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब प्रशिक्षण सही हो, तैयारी सही हो और वातावरण अनुकूल हो, तो ऐसे परिणाम मिलते हैं। इसलिए हम इससे बहुत खुश हैं। ओलंपिक खेलों के लिए कंपाउंड तीरंदाजी में पहला कोटा हासिल करना हमारे लिए बेहद खुशी की बात है।
यह हमारे लिए इस समय बहुत बड़ी उपलब्धि है।’’
साहिल जाधव और चिकिता तनिपार्थू ने मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक कोटा हासिल किया। साहिल ने पुरुषों की कंपाउंड टीम स्पर्धा में भी हिस्सा लिया, जिसमें टीम ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि चिकिता ने अनुभवी ज्योति सुरेखा वेन्नम और प्रथिका प्रदीप के साथ मिलकर महिलाओं की कंपाउंड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। जाधव ने कहा, ‘‘बहुत अच्छा लग रहा है और इस भव्य स्वागत को देखकर हमें और भी अधिक खुशी मिली है।
हमने विशेष रूप से ऐसी स्थितियों के लिए अभ्यास किया था। हमने अपनी रणनीति पर अच्छी तरह से अमल किया। अब दबाव हट गया है।’’
चिकिता ने कहा, ‘‘यह सुखद अहसास है।
इससे हमें प्रेरणा मिलेगी कि हमें और अधिक जीत हासिल करनी है और अधिक मेहनत करनी है।’’
रिकर्व में कुमकुम मोहद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता और महिला टीम वर्ग में स्वर्ण पदक के साथ-साथ मिश्रित वर्ग में रजत पदक हासिल करने में भारत की मदद की। उनके व्यक्तिगत स्वर्ण पदक ने भारत के लिए ओलंपिक कोटा भी सुनिश्चित किया। कुमकुम ने कहा कि यह परिणाम महीनों की तैयारी और टीम वर्क का नतीजा है।
उन्होंने कहा, ‘‘जैसा हमने सोचा था, वही हुआ। यह टीम की कड़ी मेहनत, पूरी टीम के उत्साह और भारतीय तीरंदाजी संघ और भारतीय खेल प्राधिकरण के सहयोग का नतीजा था।’’
महिला रिकर्व टीम का हिस्सा रही कीर्ति शर्मा ने फाइनल में 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया पर 5-3 से जीत को भारतीय तीरंदाजी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। कीर्ति ने कहा, ‘‘इस स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण पदक।
हमने कोरिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता, इसलिए यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। मुझे बहुत खुशी है कि मैं उस टीम का हिस्सा था जिसने यह इतिहास रचा।
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