Asian Games: पहलवान Nitesh ग्रीकोरोमन फाइनल में पहुंचे, स्वर्ण पदक जीतने से सिर्फ एक कदम दूर

Asian Games: पहलवान Nitesh ग्रीकोरोमन फाइनल में पहुंचे, स्वर्ण पदक जीतने से सिर्फ एक कदम दूर

नागोया, एक अक्टूबर ग्रीकोरोमन पहलवान नितेश ने बृहस्पतिवार को यहां मंगोलिया के गंखुयांग गनबातार को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराकर एशियाई खेलों में पुरुषों के 97 किग्रा वर्ग के फाइनल में प्रवेश किया और भारत के लिए इतिहास रचने से अब वह केवल एक जीत दूर हैं जबकि मानसी अहलावत महिला 62 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक के लिए चुनौती पेश करेंगी। एशियाई खेलों में ग्रीकोरोमन कुश्ती में भारत का कोई भी पहलवान अब तक स्वर्ण पदक नहीं जीत सका है। नितेश के पास सेमीफाइनल में एक और दमदार प्रदर्शन के बाद यह इंतजार खत्म करने का मौका है।सुमित (60 किग्रा) और अमन बरोनिया (77 किग्रा) के क्वार्टर फाइनल में हारने के साथ ही दोनों भारतीय ग्रीकोरोमन पहलवान एशियाई खेलों में पदक की दौड़ से बाहर हो गए। नितेश ने हालांकि भारत के लिए एशियाई खेलों में ग्रीकोरोमन कुश्ती का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सुनिश्चित कर लिया है। गनबातार को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 9-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।मुकाबला तीन मिनट के पहले पीरियड में ही समाप्त हो गया। एशियाई चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता नितेश ने विरोधी पहलवान के खिलाफ चार-चार अंक के दो थ्रो किए और मुकाबला शानदार अंदाज में खत्म किया। एशियाई खेलों में अब तक किसी भारतीय ने ग्रीकोरोमन कुश्ती में स्वर्ण पदक नहीं जीता है और नितेश के पास यह उपलब्धि हासिल करने का मौका है।फाइनल में उनका सामना मेजबान जापान के दावेदार यूरी नाकाजातो से होगा। भारत ने एशियाई खेलों के इतिहास में ग्रीकोरोमन शैली में अब तक केवल चार कांस्य पदक जीते हैं। बेहतर ड्रॉ के आधार पर नितेश को सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला था जहां उन्होंने तुर्कमेनिस्तान के अमानबेर्दी अगामामेदोव को 7-1 से हराया।इस बीच महिला 62 किग्रा वर्ग में जापान की एशियाई चैंपियन नोनोका ओजाकी से 0-6 से सेमीफाइनल हारने वाली मानसी कांस्य पदक के लिए मंगोलिया की अल्तजिन तोगतोख के खिलाफ उतरेंगी। ओजाकी ने सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन किया। जापानी पहलवान ने दाएं पैर पर हमला करके 2-0 की बढ़त बनाई और फिर मानसी के बाएं पैर पर हमला करते हुए एक और टेकडाउन हासिल किया।उन्होंने इस दौरान चतुराई से अपने दांव में बदलाव किया। मानसी ने हेडलॉक लगाने की कोशिश की लेकिन उसे अंक में नहीं बदल सकीं। ओजाकी की मजबूत रक्षात्मक तकनीक ने भारतीय पहलवान को अंक हासिल करने से रोके रखा।इससे पहले मानसी ने इरीना कुजनेत्सोवा की निष्क्रियता का फायदा उठाया और उनकी छोटी-छोटी गलतियों का लाभ उठाते हुए 6-1 से आसान जीत दर्ज की थी। पुरुषों के 77 किग्रा वर्ग में अमन ने मंगोलिया के बोर्गिल तुवशिनबातार को रोमांचक मुकाबले में 8-6 से हराकर शुरुआत की लेकिन क्वार्टर फाइनल में कतर के शाहीन बदाघिमोफ्राद ने उनका सफर रोक दिया। शाहीन ने तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत दर्ज की।उन्होंने अमन को दो बार मैट से बाहर कर 2-0 की बढ़त बनाई और फिर उन्हें ग्राउंड पोजीशन में धकेलकर नियंत्रण हासिल किया। हालांकि शाहीन के फाइनल में नहीं पहुंचने के कारण अमन के लिए रेपेचेज के जरिए पदक जीतने का रास्ता भी बंद हो गया। सुमित भी क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गए।उन्हें ईरान के सज्जाद अब्बासपोर्रागानी के खिलाफ मुकाबला 1-1 से बराबर रहने के बाद हार का सामना करना पड़ा। ईरानी पहलवान को बाद में विजेता घोषित किया गया। बाद में ईरानी पहलवान अपना सेमीफाइनल मुकाबला हार गए जिससे सुमित की पदक की उम्मीदें भी समाप्त हो गईं। 

नागोया, एक अक्टूबर ग्रीकोरोमन पहलवान नितेश ने बृहस्पतिवार को यहां मंगोलिया के गंखुयांग गनबातार को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराकर एशियाई खेलों में पुरुषों के 97 किग्रा वर्ग के फाइनल में प्रवेश किया और भारत के लिए इतिहास रचने से अब वह केवल एक जीत दूर हैं जबकि मानसी अहलावत महिला 62 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक के लिए चुनौती पेश करेंगी। एशियाई खेलों में ग्रीकोरोमन कुश्ती में भारत का कोई भी पहलवान अब तक स्वर्ण पदक नहीं जीत सका है। नितेश के पास सेमीफाइनल में एक और दमदार प्रदर्शन के बाद यह इंतजार खत्म करने का मौका है।

सुमित (60 किग्रा) और अमन बरोनिया (77 किग्रा) के क्वार्टर फाइनल में हारने के साथ ही दोनों भारतीय ग्रीकोरोमन पहलवान एशियाई खेलों में पदक की दौड़ से बाहर हो गए। नितेश ने हालांकि भारत के लिए एशियाई खेलों में ग्रीकोरोमन कुश्ती का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सुनिश्चित कर लिया है। गनबातार को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 9-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।

मुकाबला तीन मिनट के पहले पीरियड में ही समाप्त हो गया। एशियाई चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता नितेश ने विरोधी पहलवान के खिलाफ चार-चार अंक के दो थ्रो किए और मुकाबला शानदार अंदाज में खत्म किया। एशियाई खेलों में अब तक किसी भारतीय ने ग्रीकोरोमन कुश्ती में स्वर्ण पदक नहीं जीता है और नितेश के पास यह उपलब्धि हासिल करने का मौका है।

फाइनल में उनका सामना मेजबान जापान के दावेदार यूरी नाकाजातो से होगा। भारत ने एशियाई खेलों के इतिहास में ग्रीकोरोमन शैली में अब तक केवल चार कांस्य पदक जीते हैं। बेहतर ड्रॉ के आधार पर नितेश को सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला था जहां उन्होंने तुर्कमेनिस्तान के अमानबेर्दी अगामामेदोव को 7-1 से हराया।

इस बीच महिला 62 किग्रा वर्ग में जापान की एशियाई चैंपियन नोनोका ओजाकी से 0-6 से सेमीफाइनल हारने वाली मानसी कांस्य पदक के लिए मंगोलिया की अल्तजिन तोगतोख के खिलाफ उतरेंगी। ओजाकी ने सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन किया। जापानी पहलवान ने दाएं पैर पर हमला करके 2-0 की बढ़त बनाई और फिर मानसी के बाएं पैर पर हमला करते हुए एक और टेकडाउन हासिल किया।

उन्होंने इस दौरान चतुराई से अपने दांव में बदलाव किया। मानसी ने हेडलॉक लगाने की कोशिश की लेकिन उसे अंक में नहीं बदल सकीं। ओजाकी की मजबूत रक्षात्मक तकनीक ने भारतीय पहलवान को अंक हासिल करने से रोके रखा।

इससे पहले मानसी ने इरीना कुजनेत्सोवा की निष्क्रियता का फायदा उठाया और उनकी छोटी-छोटी गलतियों का लाभ उठाते हुए 6-1 से आसान जीत दर्ज की थी। पुरुषों के 77 किग्रा वर्ग में अमन ने मंगोलिया के बोर्गिल तुवशिनबातार को रोमांचक मुकाबले में 8-6 से हराकर शुरुआत की लेकिन क्वार्टर फाइनल में कतर के शाहीन बदाघिमोफ्राद ने उनका सफर रोक दिया। शाहीन ने तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत दर्ज की।

उन्होंने अमन को दो बार मैट से बाहर कर 2-0 की बढ़त बनाई और फिर उन्हें ग्राउंड पोजीशन में धकेलकर नियंत्रण हासिल किया। हालांकि शाहीन के फाइनल में नहीं पहुंचने के कारण अमन के लिए रेपेचेज के जरिए पदक जीतने का रास्ता भी बंद हो गया। सुमित भी क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गए।

उन्हें ईरान के सज्जाद अब्बासपोर्रागानी के खिलाफ मुकाबला 1-1 से बराबर रहने के बाद हार का सामना करना पड़ा। ईरानी पहलवान को बाद में विजेता घोषित किया गया। बाद में ईरानी पहलवान अपना सेमीफाइनल मुकाबला हार गए जिससे सुमित की पदक की उम्मीदें भी समाप्त हो गईं।

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