फर्रुखाबाद की जिलाधिकारी (डीएम) डॉ. अंकुर लाठर ने सोमवार दोपहर बाद कलेक्ट्रेट कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों से उनके कार्यों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान असलाह (हथियार लाइसेंस) अनुभाग में कई प्रार्थना पत्र रजिस्टर में दर्ज नहीं पाए गए, जिस पर उन्होंने संबंधित लिपिक से स्पष्टीकरण मांगा। डीएम ने सबसे पहले असलाह अनुभाग का दौरा किया और लिपिक से रजिस्टर दिखाने को कहा। उन्होंने रजिस्टरों और प्रार्थना पत्रों की जांच की, जिसमें पाया गया कि कई आवेदन रजिस्टर में दर्ज नहीं थे। जांच के दौरान उन्हें नवंबर माह का एक ऐसा प्रार्थना पत्र भी मिला, जो रजिस्टर में दर्ज नहीं था। जब इस संबंध में लिपिक से कारण पूछा गया, तो उसने बताया कि रामनगरिया मेले का प्रभार होने के कारण कुछ कार्य लंबित हो गया था। इसके बाद, डीएम ने कलेक्ट्रेट के अन्य विभागों का भी दौरा किया। उन्होंने वहां के अभिलेखों की जांच की और मौजूद कर्मचारियों से उनके कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। डीएम डॉ. लाठर ने बताया कि उन्होंने 21 अप्रैल को जिले का कार्यभार संभाला था। यह निरीक्षण कलेक्ट्रेट में विभिन्न विभागों, अनुभागों और कर्मचारियों को समझने के लिए एक प्रारंभिक जांच थी। उन्होंने सभी को अपनी फाइलों को ठीक से व्यवस्थित रखने और साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि एक सप्ताह बाद विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा।


