Animal and Human Bites: लड़ाई-झगड़े या गुस्से में किसी का हाथ या उंगली काट लेना, फिल्मों या असल जिंदगी में ये नजारा आम लग सकता है। लोग अक्सर सोचते हैं कि अरे! थोड़ी सी तो लगी है, इसमें कौन सा डॉक्टर के पास जाना। लेकिन जरा रुकिए, अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं, तो यह लापरवाही आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। यूनाइटेड किंगडम की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के अनुसार, इंसान का मुंह बैक्टीरिया का एक बड़ा गढ़ होता है। जब कोई इंसान काटता है, तो उसके मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया त्वचा को चीरकर सीधे खून और ऊतकों (tissues) तक पहुंच जाते हैं। सही समय पर प्राथमिक उपचार और डॉक्टरी इलाज न मिले, तो यह मामूली सी चोट भी गंभीर रूप ले सकती है। आइए समझते हैं कि इंसानी बाइट भी खतरनाक क्यों होती है, इसके लक्षण क्या हैं और आपातकालीन स्थिति में आपको तुरंत कौन से कदम उठाने चाहिए।
इंसान के काटने पर क्या होता है?
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, हमारे मुंह के अंदर करोड़ों बैक्टीरिया और जर्म्स (कीटाणु) हर वक्त मौजूद रहते हैं। जब कोई इंसान गुस्से में किसी को काटता है, तो उसके दांत त्वचा को चीरकर उन कीटाणुओं को सीधे अंदर खून और हड्डियों तक पहुंचा देते हैं। ये दो तरह से हो सकता है;
1. डायरेक्ट बाइट (सीधे काटना)- जब कोई गुस्से में सीधे किसी की उंगली, हाथ या बांह पर अपने दांत गड़ा दे।
2. फाइट-बाइट (मुक्का मारना)- मान लीजिए दो लोग लड़ रहे हैं और एक ने गुस्से में सामने वाले के दांतों पर जोरदार मुक्का जड़ दिया। इस चक्कर में मुक्का मारने वाले के हाथ की खाल सामने वाले के दांत से कट जाती है। डॉक्टरों के मुताबिक, यह वाली चोट सबसे ज्यादा खतरनाक होती है क्योंकि यह सीधे हाथ के जोड़ों और नसों तक इंफेक्शन फैला देती है। अगर इस पर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो मामूली सा दिखने वाला घाव सड़ सकता है और पस (मवाद) भर सकता है।
कैसे पहचानें कि इंफेक्शन फैल रहा है?
अगर काटने के बाद आप इन बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं, तो संभल जाइए। ये लक्षण बताते हैं कि शरीर में जहर या इंफेक्शन फैल रहा है;
- तेज लालिमा और सूजन।
- बहुत ज्यादा दर्द और गर्माहट।
- मवाद या बदबूदार पानी आना।
- बुखार और कमजोरी।
- हाथ-उंगली हिलाने में दिक्कत।
तुरंत क्या करें? (NHS के आसान फर्स्ट-एड टिप्स)
अगर ऐसी कोई अनहोनी हो जाए, तो घबराने के बजाय तुरंत ये कदम उठाएं;
- सबसे पहले पानी और साबुन से धोएं।
- अगर ब्लीडिंग हो रही है, तो उस पर साफ रुई या सूती कपड़ा रखकर हल्के हाथ से दबाएं।
- साफ करने के बाद घर में रखी कोई अच्छी एंटीसेप्टिक क्रीम लगा लें।
- घाव को खुले में न छोड़ें, उसपर साफ पट्टी या बैंडेज लगा लें।
- बिना देर किए डॉक्टर के पास जाएं।
क्या बिल्कुल नहीं करना चाहिए?
- घाव पर अपनी तरफ से कोई भी घरेलू नुस्खा जैसे मिर्च, तंबाकू, राख या गंदा तेल बिल्कुल न लगाएं।
- घाव को गंदे हाथों से बार-बार न छुएं।
- अगर घाव बहुत गहरा है, तो उसे खुद से दबाकर मवाद निकालने की कोशिश न करें।
कहने को तो ये बस एक छोटी सी चोट लग सकती है, लेकिन जरा सी अनदेखी आपको अस्पताल के चक्कर कटवा सकती है या बड़ा इंफेक्शन दे सकती है। इसलिए, अगली बार ऐसी स्थिति बने, तो तुरंत घाव को धोकर डॉक्टर के पास जरूर पहुंचें। समझदारी इसी में है कि सेहत से जुड़े मामलों में रिस्क न लिया जाए!

