Allergy Skin Test Symptoms: बार-बार छींक आना, अचानक त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ जाना, आंखों से पानी बहना या किसी खास चीज को खाते ही शरीर में खुजली होना ये सब एलर्जी के लक्षण हो सकते हैं। कई बार हम समझ ही नहीं पाते कि आखिर किस चीज की वजह से हमारा शरीर इस तरह रिएक्ट कर रहा है। धूल-मिट्टी, कोई खास खाना, पालतू जानवर के बाल या किसी दवा से भी एलर्जी हो सकती है। अगर आप भी लगातार इस तरह की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो एलर्जी स्किन टेस्ट (Allergy Skin Test) आपके काम आ सकता है। क्लीवलैंड क्लिनिक, मेयो क्लिनिक और अमेरिकन एकेडमी ऑफ एलर्जी, अस्थमा एंड इम्यूनोलॉजी (AAAAI) के मुताबिक, एलर्जी का सटीक कारण जानने के लिए यह टेस्ट सबसे आसान, सुरक्षित और तेज तरीका माना जाता है। आइए इन तीनों के आधार पर समझते हैं कि एलर्जी स्किन टेस्ट क्या होता है, यह कितने प्रकार का होता है और इसे कैसे किया जाता है।
क्या है एलर्जी स्किन टेस्ट?
मेयो क्लिनिक के अनुसार, जब हमारा शरीर किसी बाहरी चीज (जैसे धूल, परागकण या खाना) को नुकसानदायक मान लेता है, तो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System) उससे लड़ने के लिए रिएक्ट करती है। इसी को एलर्जी कहते हैं। एलर्जी स्किन टेस्ट में डॉक्टर आपकी त्वचा पर एलर्जी पैदा करने वाले संभावित पदार्थों (Allergens) की बहुत हल्की सी मात्रा लगाकर देखते हैं कि आपकी स्किन उस पर क्या प्रतिक्रिया देती है। अगर आपको उस चीज से एलर्जी है, तो टेस्ट वाली जगह पर हल्का सा लाल निशान, मच्छर के काटने जैसी सूजन या खुजली होने लगती है।
एलर्जी स्किन टेस्ट के मुख्य प्रकार
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, आपकी समस्या और लक्षणों के आधार पर डॉक्टर मुख्य रूप से 3 तरह के स्किन टेस्ट करते हैं;
- स्किन प्रिक टेस्ट (Skin Prick Test)- यह सबसे आम और त्वरित टेस्ट है। इसमें आपकी बांह (Forearm) या पीठ पर अलग-अलग एलर्जी वाले लिक्विड की एक-एक बूंद रखी जाती है। इसके बाद एक छोटी, पतली सुई (लैनसेट) से त्वचा की ऊपरी सतह को हल्का सा खरोंचा या चुभाया जाता है ताकि लिक्विड त्वचा के अंदर थोड़ा चला जाए। इसमें बिल्कुल दर्द नहीं होता।
- इंट्राडर्मल टेस्ट (Intradermal Test)- अगर प्रिक टेस्ट में नतीजा साफ न मिले, तो यह टेस्ट किया जाता है। इसमें एक बहुत ही पतली सुई से एलर्जन का सिरप त्वचा की ऊपरी परत के ठीक नीचे इंजेक्ट किया जाता है। यह टेस्ट ज्यादातर दवाओं या मोंट / मधुमक्खी के डंक की एलर्जी का पता लगाने के लिए होता है।
- पैच टेस्ट (Patch Test)- यह टेस्ट तुरंत दिखने वाली एलर्जी के बजाय देर से होने वाली एलर्जी (Contact Dermatitis) के लिए किया जाता है। इसमें अलग-अलग पदार्थों के पैच बनाकर मरीज की पीठ पर चिपका दिए जाते हैं और 48 घंटे बाद देखा जाता है कि कहीं त्वचा पर जलन या रैशेज तो नहीं हुए।
कैसे किया जाता है यह टेस्ट?
टेस्ट कराने से 3 से 7 दिन पहले डॉक्टर आपको एंटीहिस्टामाइन (एलर्जी की दवाएं) बंद करने की सलाह देते हैं, क्योंकि ये दवाएं टेस्ट के सही नतीजों को रोक सकती हैं। डॉक्टर आपकी पीठ या हाथ को साफ करते हैं। फिर उस पर अलग-अलग एलर्जी पैदा करने वाली चीजों के छोटे-छोटे ड्रॉप्स लगाकर प्रिक करते हैं।प्रिक या इंट्राडर्मल टेस्ट करने के बाद आपको करीब 15 से 20 मिनट तक इंतजार करना होता है। यदि आपको किसी चीज से एलर्जी है, तो 15 मिनट के अंदर उस बूंद वाली जगह पर मच्छर के काटने जैसा छोटा सा लाल दाना (Wheal) बन जाता है। डॉक्टर उसकी माप लेकर बता देते हैं कि आपको किस चीज से एलर्जी है।
क्या इस टेस्ट में कोई खतरा है?
स्किन टेस्ट पूरी तरह से सुरक्षित होता है। सबसे आम बात यह है कि जिस जगह टेस्ट होता है, वहां थोड़ी खुजली, लाली या सूजन आ सकती है, जो कुछ ही घंटों में अपने आप ठीक हो जाती है। बहुत ही दुर्लभ मामलों में गंभीर रिएक्शन (Anaphylaxis) हो सकता है, लेकिन क्योंकि यह टेस्ट हमेशा डॉक्टर या किसी एलर्जी विशेषज्ञ (Allergist) की देखरेख में होता है, इसलिए वे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयार रहते हैं।
टेस्ट के बाद क्या करें?
अगर आपको धूल (Dust Mites) या किसी खास खाने से एलर्जी है, तो उससे दूरी बनाने की सलाह दी जाती है। लक्षणों को काबू में रखने के लिए दवाएं या दीर्घकालिक राहत के लिए एलर्जी शॉट्स (Immunotherapy) की सलाह दी जा सकती है।

