Allahabad High Court ने हमीरपुर में स्कूल सड़क के लिए Forest NOC देने का आदेश दिया

Allahabad High Court ने हमीरपुर में स्कूल सड़क के लिए Forest NOC देने का आदेश दिया

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हमीरपुर में एक स्कूल तक 1.6 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए वन विभाग को अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जल्द जारी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने सोमवार को 200 से अधिक स्कूली बच्चों की दयनीय स्थिति का स्वतः संज्ञान लेते हुए यह आदेश पारित किया। मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की पीठ ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे ‘‘स्कूल तक सड़क, हमीरपुर बनाम राज्य सरकार एवं अन्य’’ के नाम से जनहित याचिका के रूप में पंजीकृत किया।

पीठ को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि सड़क निर्माण के लिए 1.81 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, लेकिन 1.6 किलोमीटर लंबा मार्ग वन भूमि से होकर गुजरता है। इसलिए सड़क निर्माण के लिए वन विभाग की आवश्यक एनओसी जरूरी है। अदालत को यह भी बताया गया कि राज्य सरकार ने एनओसी हासिल करने के लिए समय-समय पर प्रयास किए, लेकिन ये प्रयास सफल नहीं हो सके।

क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सीमेंट-कंक्रीट की सड़क की आवश्यकता है और इसके लिए वन विभाग से अनुमति प्राप्त करने के वास्ते कुछ और समय मांगा गया। इस पर अदालत ने कहा, ‘‘राज्य सरकार द्वारा दी गई जानकारी को देखते हुए हम वन विभाग से आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र शीघ्र जारी किए जाने की अपेक्षा करते हैं।’’
उच्च न्यायालय ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर का स्वतः संज्ञान लेते हुए यह कार्यवाही शुरू की थी। खबर में बताया गया था कि चंदूपुर गांव के 200 से अधिक स्कूली बच्चे अपने माता-पिता के साथ करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर जिलाधिकारी के समक्ष विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे।

इससे पहले, अदालत ने कहा था कि आंदोलन के तहत बच्चों का पांच किलोमीटर तक पैदल चलकर जाना उनके सामने मौजूद कठिनाइयों की गंभीरता को दर्शाता है। अदालत ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव के माध्यम से केंद्र सरकार और हमीरपुर के मंडलीय वन अधिकारी को भी मामले में पक्षकार बनाने का निर्देश दिया। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 सितंबर, 2026 की तारीख तय की है।

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