I-RAD-E-DAR पोर्टल पर सभी हादसों की एंट्री होगी:दरभंगा SSP ने दिए आदेश, कहा- सभी गाड़ी का पुराना चालान एक सप्ताह के अंदर जमा करें

I-RAD-E-DAR पोर्टल पर सभी हादसों की एंट्री होगी:दरभंगा SSP ने दिए आदेश, कहा- सभी गाड़ी का पुराना चालान एक सप्ताह के अंदर जमा करें

दरभंगा में मिथिला क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक मनोज तिवारी ने आज वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय में 2023 बैच के प्रशिक्षु सब-इंस्पेक्टरों के ट्रेनिंग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों के अब तक के काम, व्यवहारिक अनुभव और फील्ड स्तर की तैयारियों का गहन आकलन किया। इधर, एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने आदेश दिया कि सभी लंबित गाड़ी चालान एक सप्ताह के अंदर जमा कर उसकी रसीद कार्यालय में उपलब्ध कराई जाए। साथ ही I-RAD और E-DAR पोर्टल पर सभी दुर्घटनाओं की एंट्री सुनिश्चित हो। बैठक में डीआईजी ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि थाना स्तर पर प्रभावी, जिम्मेदार और पेशेवर पुलिसिंग सुनिश्चित करना इसका मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को माइनर से लेकर डीप स्तर तक की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे अपने कर्तव्यों का बेहतर तरीके से निर्वहन कर सकें। सात साल से अधिक सजा वाले मामलों में एफएसएल जांच अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने और गंभीर मामलों में कांड दैनिकी को तथ्यपरक और व्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षुओं को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के उपयोग, हैश वैल्यू निकालने, वाहन चोरी जैसे मामलों के खुलासा और सड़क जाम व पुलिस पर हमले जैसे मामलों के विश्लेषण से सीख लेने के निर्देश दिए गए। साथ ही थाना स्तर पर चौकीदारी परेड में भागीदारी, अभिलेखों का सुरक्षित संधारण और पारदर्शिता बनाए रखने पर भी विशेष बल दिया गया। डीआईजी ने यह भी निर्देश दिया कि सात साल से कम सजा वाले मामलों में अनावश्यक गिरफ्तारी के बजाय नोटिस जारी कर जांच में सहयोग लिया जाए। दंगा या उपद्रव की स्थिति में असामाजिक तत्वों से निपटने के प्रभावी उपाय अपनाने और घटना होने से पहले ही उसकी रोकथाम के लिए सतर्क रहने को कहा गया। उन्होंने प्रशिक्षुओं को जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने, पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने और त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की हिदायत दी। साथ ही आधुनिक पुलिसिंग तकनीकों को अपनाने और व्यवहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि यदि प्रशिक्षु पुलिसकर्मी ईमानदारी, संवेदनशीलता और पेशेवर दक्षता के साथ काम करेंगे, तो न केवल अपराध नियंत्रण मजबूत होगा, बल्कि आम जनता का भरोसा भी पुलिस पर और अधिक सुदृढ़ होगा। लंबित मामलों पर सख्त रुख अपनाया वरीय पुलिस अधीक्षक दरभंगा जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने शनिवार को अपने कार्यालय कक्ष में जिले के सभी थानाध्यक्षों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) और अंचल पुलिस निरीक्षकों के साथ दो अलग-अलग समीक्षा बैठकें कर कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और लंबित मामलों पर सख्त रुख अपनाया। पहली बैठक में यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई, जिसमें सहायक पुलिस अधीक्षक और यातायात पुलिस उपाधीक्षक भी मौजूद रहे। SSP ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित गाड़ी चालान एक सप्ताह के अंदर जमा कर उसकी रसीद कार्यालय में उपलब्ध कराई जाए। साथ ही I-RAD और E-DAR पोर्टल पर सभी दुर्घटनाओं की एंट्री सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने दुर्घटना संभावित हॉटस्पॉट की पहचान कर उसके सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। प्रतिदिन गाड़ी जांच अभियान चलाने, उसका रिपोर्ट संबंधित कार्यालय को भेजने तथा बॉडीवॉर्न कैमरे के उपयोग को अनिवार्य करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा गाड़ी जांच के दौरान आम जनता के साथ शालीन व्यवहार रखने और सड़क दुर्घटना पीड़ितों के नगद रहित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। दूसरी बैठक में SSP ने सदर-1 और बिरौल अनुमंडल के पुलिस पदाधिकारियों के साथ लंबित कांडों, गिरफ्तारी की स्थिति, सरप्राइज चेकिंग और थानों में संधारित अभिलेखों की गहन समीक्षा की। सभी लंबित मामलों के निपटारे के लिए समयसीमा तय करते हुए अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष जोर दिया गया। SSP ने निर्देश दिया कि हर अनुसंधानकर्ता की दैनिक रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि कार्यों की नियमित समीक्षा हो सके। साथ ही सरप्राइज चेकिंग और सुपर पेट्रोलिंग को लगातार जारी रखने, लंबित मामलों में गिरफ्तारी बढ़ाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए नियमित वाहन चालान सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई के प्रस्ताव भेजने का भी निर्देश दिया। शराब और मादक पदार्थों की बरामदगी बढ़ाने, नशेड़ियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और रात की गश्ती को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। SSP ने सभी पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि थानाध्यक्षों के कार्यों की लगातार समीक्षा की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दरभंगा में मिथिला क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक मनोज तिवारी ने आज वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय में 2023 बैच के प्रशिक्षु सब-इंस्पेक्टरों के ट्रेनिंग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों के अब तक के काम, व्यवहारिक अनुभव और फील्ड स्तर की तैयारियों का गहन आकलन किया। इधर, एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने आदेश दिया कि सभी लंबित गाड़ी चालान एक सप्ताह के अंदर जमा कर उसकी रसीद कार्यालय में उपलब्ध कराई जाए। साथ ही I-RAD और E-DAR पोर्टल पर सभी दुर्घटनाओं की एंट्री सुनिश्चित हो। बैठक में डीआईजी ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि थाना स्तर पर प्रभावी, जिम्मेदार और पेशेवर पुलिसिंग सुनिश्चित करना इसका मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को माइनर से लेकर डीप स्तर तक की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे अपने कर्तव्यों का बेहतर तरीके से निर्वहन कर सकें। सात साल से अधिक सजा वाले मामलों में एफएसएल जांच अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने और गंभीर मामलों में कांड दैनिकी को तथ्यपरक और व्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षुओं को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के उपयोग, हैश वैल्यू निकालने, वाहन चोरी जैसे मामलों के खुलासा और सड़क जाम व पुलिस पर हमले जैसे मामलों के विश्लेषण से सीख लेने के निर्देश दिए गए। साथ ही थाना स्तर पर चौकीदारी परेड में भागीदारी, अभिलेखों का सुरक्षित संधारण और पारदर्शिता बनाए रखने पर भी विशेष बल दिया गया। डीआईजी ने यह भी निर्देश दिया कि सात साल से कम सजा वाले मामलों में अनावश्यक गिरफ्तारी के बजाय नोटिस जारी कर जांच में सहयोग लिया जाए। दंगा या उपद्रव की स्थिति में असामाजिक तत्वों से निपटने के प्रभावी उपाय अपनाने और घटना होने से पहले ही उसकी रोकथाम के लिए सतर्क रहने को कहा गया। उन्होंने प्रशिक्षुओं को जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने, पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने और त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की हिदायत दी। साथ ही आधुनिक पुलिसिंग तकनीकों को अपनाने और व्यवहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि यदि प्रशिक्षु पुलिसकर्मी ईमानदारी, संवेदनशीलता और पेशेवर दक्षता के साथ काम करेंगे, तो न केवल अपराध नियंत्रण मजबूत होगा, बल्कि आम जनता का भरोसा भी पुलिस पर और अधिक सुदृढ़ होगा। लंबित मामलों पर सख्त रुख अपनाया वरीय पुलिस अधीक्षक दरभंगा जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने शनिवार को अपने कार्यालय कक्ष में जिले के सभी थानाध्यक्षों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) और अंचल पुलिस निरीक्षकों के साथ दो अलग-अलग समीक्षा बैठकें कर कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और लंबित मामलों पर सख्त रुख अपनाया। पहली बैठक में यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई, जिसमें सहायक पुलिस अधीक्षक और यातायात पुलिस उपाधीक्षक भी मौजूद रहे। SSP ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित गाड़ी चालान एक सप्ताह के अंदर जमा कर उसकी रसीद कार्यालय में उपलब्ध कराई जाए। साथ ही I-RAD और E-DAR पोर्टल पर सभी दुर्घटनाओं की एंट्री सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने दुर्घटना संभावित हॉटस्पॉट की पहचान कर उसके सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। प्रतिदिन गाड़ी जांच अभियान चलाने, उसका रिपोर्ट संबंधित कार्यालय को भेजने तथा बॉडीवॉर्न कैमरे के उपयोग को अनिवार्य करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा गाड़ी जांच के दौरान आम जनता के साथ शालीन व्यवहार रखने और सड़क दुर्घटना पीड़ितों के नगद रहित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। दूसरी बैठक में SSP ने सदर-1 और बिरौल अनुमंडल के पुलिस पदाधिकारियों के साथ लंबित कांडों, गिरफ्तारी की स्थिति, सरप्राइज चेकिंग और थानों में संधारित अभिलेखों की गहन समीक्षा की। सभी लंबित मामलों के निपटारे के लिए समयसीमा तय करते हुए अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष जोर दिया गया। SSP ने निर्देश दिया कि हर अनुसंधानकर्ता की दैनिक रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि कार्यों की नियमित समीक्षा हो सके। साथ ही सरप्राइज चेकिंग और सुपर पेट्रोलिंग को लगातार जारी रखने, लंबित मामलों में गिरफ्तारी बढ़ाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए नियमित वाहन चालान सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई के प्रस्ताव भेजने का भी निर्देश दिया। शराब और मादक पदार्थों की बरामदगी बढ़ाने, नशेड़ियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और रात की गश्ती को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। SSP ने सभी पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि थानाध्यक्षों के कार्यों की लगातार समीक्षा की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  

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