समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अब भाजपा से मुकाबला सिर्फ राजनीतिक दल नहीं, बल्कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय करेगा। राजस्थान की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री होतीं तो राज्य में और ज्यादा विकास होता। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया, गठबंधन राजनीति और राष्ट्रीय मुद्दों पर भी खुलकर अपनी बात रखी। जयपुर में एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे अखिलेश यादव ने धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर बोलते हुए कहा कि असली संतों और नकली संतों के बीच फर्क समझना जरूरी है। उन्होंने बिना नाम लिए कुछ साधुओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो खुद को आध्यात्मिक बताकर प्रमाण मांगते हैं, वे समाज को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने शंकराचार्य के विचारों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे नकली संतों का मुकाबला कर रहे हैं। धुरंधर पर बोले- फिल्मों के जरिए समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश यादव ने धुरंधर फिल्म और वेब सीरीज को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि जैसे फिल्मों में लिखा जाता है कि सभी पात्र काल्पनिक हैं। उसी तरह भाजपा भी कहानी गढ़ने का काम करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्मों और कंटेंट के जरिए समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है, जो अगले कुछ वक्त में और ज्यादा होगा। इलेक्शन कमीशन भाजपा के दबाव में काम कर रहा चुनावी प्रक्रिया को लेकर अखिलेश यादव ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा फर्जी हस्ताक्षर तक करवाए गए और प्रशासन यह पता लगाने में लगा है कि जानकारी बाहर कैसे आई। उन्होंने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग भाजपा के दबाव में काम कर रहा है। गठबंधन राजनीति पर उन्होंने कहा कि वे पहले भी कई गठबंधन कर चुके हैं और फिलहाल जो गठबंधन चल रहा है, वही जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि इंडिया गठबंधन आने वाले समय में और मजबूत होगा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी फिलहाल राजस्थान में चुनाव नहीं लड़ रही है। वहीं नीतीश कुमार को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि वे उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते थे लेकिन भाजपा ने उन्हें राज्यसभा सदस्य बनाकर उनके साथ ‘धोखा’ किया है। उन्होंने इसे एक राजनीतिक षड्यंत्र बताया।


