Ahmedabad शहर में इन दिनों मच्छरजनित और जलजनित रोगों के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। सितंबर के 30 दिनों में डेंगू के 756 मरीज सामने आए, जो इस महीने में मच्छरजनित रोगों में सर्वाधिक हैं। इसी दौरान मलेरिया के 137, फाल्सीफेरम के 41 और चिकनगुनिया के 10 मामले दर्ज किए गए।महानगरपालिका (मनपा) के अनुसार सितंबर 2025 में डेंगू के 448 मरीज मिले थे, जबकि सितंबर 2026 में यह संख्या बढ़कर 756 हो गई। फाल्सीफेरम के मामले भी पिछले वर्ष के 35 से बढ़कर इस वर्ष 41 हो गए। पिछले वर्ष सितंबर में चिकनगुनिया का एक भी मामला सामने नहीं आया था, जबकि इस वर्ष 10 मरीज मिले हैं।जलजनित रोगों में सितंबर के दौरान टाइफाइड के 266 मरीज मिले, जो इस श्रेणी में सर्वाधिक हैं। पीलिया के 79 और उल्टी-दस्त के 208 मामले सामने आए। इस वर्ष जनवरी से 30 सितंबर तक टाइफाइड के 1685, पीलिया के 611 और उल्टी-दस्त के 4128 मरीज दर्ज किए गए हैं।
पानी के 67577 नमूनों की जांच, 302 अनफिट
पानी की गुणवत्ता को लेकर भी मनपा ने निगरानी बढ़ाई है। जनवरी से 30 सितंबर तक पानी के 67577 नमूनों की जांच की गई, जिनमें 302 नमूने अनफिट पाए गए। सितंबर में 7596 नमूने लिए गए, जिनमें 21 अनफिट मिले। इसी अवधि में जनवरी से 30 सितंबर तक 4,77,182 क्लोरीन टेस्ट किए गए। इनमें 192 मामलों में क्लोरीन शून्य पाया गया। सितंबर में 53090 क्लोरीन टेस्ट हुए, जिनमें आठ में क्लोरीन शून्य पाया गया। एक महीने में शहर में 1.83 लाख से अधिक रक्त के नमूने लेकर जांच की गई जबकि डेंगू की जांच के लिए भी 16 हजार से अधिक सिरम सैंपल लिए गए।
फॉगिंग, कीटनाशक का छिड़काव
मानसून के दौरान जलजनित और मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए रोग निगरानी के साथ पानी की गुणवत्ता और क्लोरीनेशन की भी लगातार जांच की जा रही है। जिन इलाकों में रोगों के मामले सामने आ रहे हैं, वहां आवश्यक स्वास्थ्य एवं मच्छर नियंत्रण गतिविधियां की जा रही हैं। मच्छरों की उत्पत्ति के स्रोतों की जांच के साथ फॉगिंग और कीटनाशक का छिड़काव भी किया जा रहा है। शंकास्पद मरीजों की रक्त की जांच भी की जा रही है।डॉ. भाविन सोलंकी, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी, मनपा

