Ahmedabad : एसवीपी अस्पताल के डॉक्टरों ने बिना ऑपरेशन बचाया महिला का गर्भाशय

 Ahmedabad : एसवीपी अस्पताल के डॉक्टरों ने बिना ऑपरेशन बचाया महिला का गर्भाशय

Ahmedabad: गर्भाशय तक पहुंच चुके प्लेसेंटा की गंभीर स्थिति में अहमदाबाद महानगरपालिका संचालित सरदार वल्लभभाई पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (एसवीपी) अस्पताल के डॉक्टरों ने 33 वर्षीय महिला का बिना सर्जरी उपचार करने का निर्णय लिया। टीम ने महिला की स्थिति स्थिर करने के बाद नियमित निगरानी और चिकित्सकीय देखरेख के जरिए उपचार जारी रखा। प्रसव के 90वें दिन गर्भाशय में फंसा प्लेसेंटा अपने आप योनि मार्ग से बाहर निकल गया। इस तरह गर्भाशय निकालने की सर्जरी टल गई और महिला की भविष्य में मां बनने की संभावना सुरक्षित रही।

एसवीपी अस्पताल के अनुसार महिला की प्रसूति के दौरान गर्भ में ही बच्चे की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद प्लेसेंटा गर्भाशय से अलग नहीं हो पाया। अन्य अस्पताल में सामान्य बेहोशी देकर प्लेसेंटा को हाथ से निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन प्लेसेंटा और गर्भाशय के बीच अलग करने की जगह नहीं मिलने से सफलता नहीं मिली। इसके बाद महिला को एसवीपी अस्पताल रेफर किया गया। यहां पेल्विक एमआरआइ सहित जांच में प्लेसेंटा परक्रेटा (एफआइजीओ ग्रेड 3ए) की पुष्टि हुई। यह प्लेसेंटा एक्रेटा स्पेक्ट्रम का गंभीर रूप है, जिसमें प्लेसेंटा के ऊतक गर्भाशय की मांसपेशियों को भेदकर उसकी बाहरी परत तक पहुंच जाते हैं।

3 महीने तक घर पर भी रखी गई निगरानी

स्थिति की गंभीरता और सर्जरी से जुड़े जोखिमों को ध्यान में रखते हुए स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की टीम ने सावधानीपूर्वक बिना सर्जरी उपचार का विकल्प चुना। अस्पताल में महिला की स्थिति स्थिर करने के बाद नियमित चिकित्सकीय निगरानी की गई। छुट्टी मिलने के बाद भी 90 दिन तक घर पर शरीर के तापमान और पेट संबंधी लक्षणों की नियमित जांच की जाती रही। इस दौरान महिला की स्थिति स्थिर रही और गंभीर संक्रमण (सेप्सिस) के लक्षण नहीं मिले। प्रसव के 90वें दिन लगभग 6.3 गुणा 5 सेंटीमीटर आकार का प्लेसेंटा अपने आप बाहर निकल गया। इस दौरान या उसके बाद गंभीर रक्तस्राव अथवा पेल्विक संक्रमण भी नहीं हुआ। महिला का उपचार प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाइ) के तहत निशुल्क किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार प्लेसेंटा परक्रेटा के कुछ मामलों में गंभीर रक्तस्राव के जोखिम के कारण गर्भाशय निकालने की सर्जरी करनी पड़ सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *