बहेरिया थाना क्षेत्र के गुड़ा गांव में क्रशर खदान में डूबे 3 दोस्तों की घटना में शनिवार सुबह 2 और दोस्तों के शव पानी से निकाल लिए गए। करीब 20 घंटे पानी में पड़े रहने के कारण दो शवों को जलीय जीवों ने नोंच लिया। चेहरे पर जीवों के नोंचने से खून निकलता दिखा। वहीं शनिवार को तीनों दोस्तों का एक साथ पोस्टमार्टम हुआ। वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर डॉक्टर्स ने पुष्टि की है कि युवकों की मौत पानी में डूबने से हुई है। शनिवार को जब तीनों दोस्तों का अंतिम संस्कार किया गया तो कैंट क्षेत्र में मातम का माहौल बन गया। उधर गुड़ा गांव में भी लोग दहशत में है। ग्रामीणों ने कहा कि गांव के आसपास मौजूद क्रशर की खदानों में छोटी-बड़ी 40 से अधिक घटनाएं हो चुकीं हैं, लेकिन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इन घटनाओं के बाद ग्रामीण तो गड्ढों के आसपास जाने से डरते हैं, लेकिन बाहर से आने वाले लोग लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं।
यह था मामला
शुक्रवार की दोपहर 1 बजे कैंट क्षेत्र निवासी 7 दोस्त गुड़ा गांव की क्रशर खदान में नहाने गए थे। तनु उर्फ तनिश पुत्र बबलू कोरी 20 वर्ष गहरे पानी में डूबने लगा तो उसके बचाने अभिषेक उर्फ अध्धा मलिक 19 वर्ष पहुंचा, तो वह भी डूबने लगा। इसके पीछे से तेजराम पटेल 20 वर्ष ने भी छलांग लगा दी। तीनों युवकों को पानी में समाता देख एक अन्य युवक आयुष ने भी पानी में उतरने की कोशिश की, लेकिन जब वह भी डूबने लगा तो अन्य दोस्तों ने जीन्स पेंट फेंककर किसी तरह आयुष को बचा लिया, लेकिन तनिश, अभिषेक और तेजराम पानी में डूब गए थे।
वोट से भंवर बनाई तो ऊपर आ गए तेजराम व तनिश के शव
सूचना के बाद शुक्रवार शाम से ही क्रशर के गड्ढे में एसडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था। रात को अभिषेक मलिक का शव मिल गया था, लेकिन तनिश व तेजराम के शव को खोजने के प्रयास किए जा रहे थे। शनिवार सुबह करीब 9 बजे एसडीआरएफ टीम ने वोट के माध्यम से पानी में भंवर बनाकर शव को खोजा। तेजराम पटेल और तनिश कोरी के शवों को भी बाहर निकाल लिया गया।


